लोकसंस्कृति अध्येता डॉ. महेन्द्र भानावत को बोधि सम्मान

उदयपुर। अपने जीवन का बहुमूल्य समय भारतीय लोकसंस्कृति, साहित्य एवं समाज को अर्पित करते जो लोकापयोगी सर्जन किया उसके फलस्वरूप डॉ. महेन्द्र भानावत को बोधि सम्मान से अलंकृत किया गया।
समारोह में आचार्यश्री महाश्रमण ने कहा कि अच्छे कार्यों का सम्मान होना व्यक्ति के निजी गुणों का मूल्यांकन है। इससे व्यक्ति को आत्मतोष एवं प्रोत्साहन तथा अन्यों को आगे बढऩे की प्रेरणा मिलती है। भीलवाड़ा के तेरापंथ नगर में आचार्यश्री महाश्रमण की सन्निधि में 03 अक्टूबर को आयोजित समारोह में डॉ. भानावत ने कहा कि पिछले सात दशक से अपने लेखन के माध्यम से मैंने समग्रत: उस लोक का ही परिदर्शन किया है जो हम सबके साथ दृश्य एवं अदृश्य रूप में आस्था एवं विश्वास के सबब बनाये हुए है।
इस अवसर पर डॉ. महेन्द्र भानावत, डॉ. देव कोठारी, प्रो. धर्मचन्द जैन एवं चतुर कोठारी को इस सम्मान से नवाजा गया। शासनसेवी श्री भंवरलालजी कर्णावट फाउण्डेशन द्वारा दिया जाने वाला विगत चार वर्षीय यह सम्मान उनके परिजन लक्ष्मणसिंह, गुणसागर, डूंगरसिंह, डॉ. महेन्द्र तथा दरियावसिंह कर्णावट द्वारा प्रदान किया गया। साध्वीप्रमुखा कनकप्रभा ने कर्णावट परिवार द्वारा की जा रही सेवाओं का उल्लेख किया। कार्यक्रम में मनोहरलाल डागा, तलकचन्द जैन, कन्हैयालाल बाफना, दौलतमल भरकतिया, नवरत्न हिरन, दिनेश डागा, अनिल तलेसरा, अशोक श्रीश्रीमाल सहित कई गणमान्य श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे। संचालन श्रीमती लता कर्णावट ने किया।
समारोह पश्चात डॉ. तुक्तक भानावत, डॉ. कहानी भानावत, अलर्ट संस्थान के जितेन्द्र मेहता, प्रसिद्ध बालसाहित्य लेखक राजकुमार जैन ‘राजन’, डॉ. कविता मेहता, डॉ. सतीश मेहता, महावीर नागोरी, मधु डागा ने डॉ. भानावत को बधाई दी।

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