30 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी सात दिन के रिमांड पर

उदयपुर (डॉ. तुक्तक भानावत) : 30 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में बॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्‌ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को ACJM कोर्ट ने 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी मीडिया के सामने चेहरा छिपाते रहे थे। पुलिस सोमवार रात को दोनों को मुंबई से उदयपुर लेकर आई थी। दोनों को चित्रकूट नगर स्थित महिला अपराध एवं अनुसंधान सेल में रखा गया। मामले की जांच डीएसपी छगन सिंह राजपुरोहित कर रहे हैं। कोर्ट में विक्रम भट्‌ट की ओर से अधिवक्ता जय कृष्ण दवे एवं इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया की ओर से अधिवक्ता मंज़ूर हुसैन ने पैरवी की। पुलिस ने डिवाइस, वाउचर एवं बिल की रिकवरी के लिए रिमांड मंगा जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
गौरतलब है की 7 ​दिसंबर को डीएसपी छगन राजपुरोहित की 6 सदस्यीय टीम ने मुंबई पहुंचकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को उनके जुहू स्थित गंगाभवन कॉम्प्लेक्स के फ्लैट से गिरफ्तार किया । यहां भट्ट के सुरक्षा गार्डों ने पुलिस को रोका भी लेकिन पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में 16 नवंबर को मुंबई से गिरफ्तार कर लाए गए भट्ट के को-प्रोड्यूसर महबूब अंसारी व फर्जी वेंडर संदीप की जमानत अर्जी पर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई करते हुए महबूब की अर्जी खारिज कर दी, जबकि वेंडर संदीप को सशर्त जमानत दे दी।
गौरतलब है कि इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने 17 नवंबर को विक्रम भट्ट सहित 8 लोगों के खिलाफ 30 करोड़ की धोखाधड़ी की FIR उदयपुर में दर्ज कराई थी। डॉ. अजय मुर्डिया का आरोप है कि एक इवेंट में उनकी मुलाकात दिनेश कटारिया से हुई थी। दिनेश कटारिया ने उन्हें उनकी पत्नी की बायोपिक बनाने का प्रस्ताव दिया। इस सिलसिले में दिनेश कटारिया ने 24 अप्रैल 2024 को मुंबई स्थित वृंदावन स्टूडियो बुलाया था। कटारिया ने उन्हें विक्रम भट्ट से मिलवाया, जहां भट्ट से बायोपिक बनाने पर चर्चा हुई थी। कुछ दिन बाद विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने डॉ. मुर्डिया को कहा वे 4 फिल्में 47 करोड़ में बना सकते हैं। इन फिल्मों की रिलीज से 100 से 200 करोड़ रुपए तक मुनाफा हो जाएगा। इसके बाद उनके स्टाफ में अमनदीप मंजीत सिंह, मुदित, फरजाना आमिर अली, अबजानी, राहुल कुमार, सचिन गरगोटे, सबोबा भिमाना अडकरी के नाम के अकाउंट में 77 लाख 86 हजार 979 रुपए ट्रांसफर करवाए। इस तरह 2 करोड़ 45 लाख 61 हजार 400 रुपए ट्रांसफर किए। वहीं इंदिरा एंटरटेनमेंट से 42 करोड़ 70 लाख 82 हजार 232 रुपए का भुगतान किया गया, जबकि चार फिल्मों का निर्माण 47 करोड़ में किया जाना तय हुआ था।
विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट ने केवल दो फिल्म का निर्माण कर रिलीज करवाया। तीसरी फिल्म विश्व विराट 25 प्रतिशत ही बनाई गई। चौथी फिल्म महाराणा-रण की अभी तक शूटिंग भी शुरू नहीं हुई। आरोप है कि डायरेक्टर ने फिल्म महाराणा-रण के ही 25 करोड़ हड़प लिए। इंदिरा आईवीएफ के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने फिल्म डायरेक्टर, उनकी पत्नी, बेटी कृष्णा निवासी अंधेरी वेस्ट, मुंबई, दिनेश कटारिया निवासी सहेली नगर उदयपुर, महबूब अंसारी प्रोड्यूसर निवासी ठाणे, मुदित बुटट्टान निवासी दिल्ली, गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव डीएससी चेयरमैन, अशोक दुबे जनरल सेक्रेटरी, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज मुंबई के खिलाफ भूपालपुरा (उदयपुर) थाने में रिपोर्ट दी थी।

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