नारायण सेवा संस्थान एवं डीसीसीआई के तत्वावधान में चौथी नेशनल दिव्यांग क्रिकेट चैम्पियनशिप

राजस्थान का सपना टूटा, फाइनल मुम्बई और कर्नाटक के बीच
उदयपुर।
नारायण सेवा संस्थान एवं डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट कौंसिल ऑफ़ इंडिया के सयुंक्त तत्वावधान में उदयपुर चल रही चौथी राष्ट्रीय दिव्यांग टी -20 क्रिकेट चैंपियनशिप में गुरुवार को बेहद रोमांचक दो सेमीफाइनल में हुए।
हर दिव्यांग खिलाड़ी जीत के लिए खेल रहा था।मुकाबले में प्रतिभा का जौहर दिखाकर अपनी टीम को मजबूत करते दिखे खिलाड़ी। पर खेल में किसी एक को हारना होता है और एक को जीतना। ऐसा ही देखने को मिला पहली पारी में हुए राजस्थान वर्सेज़ मुम्बई मैच में। राजस्थान ने पहले खेलते हुए 97 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुम्बई ने भी निर्धारित ओवर में 97 रन बनाए।स्कोर बराबर के चलते सुपर ओवर हुआ।जिसमें मुम्बई ने पहले खेलते हुए बिना नुकसान के 15 रन बनाए। जबाब में राजस्थान ने 2 रन पर 2 विकेट खो दिए। नतीजन मुम्बई सबसे पहले फाइनल में पहुंचा।

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दूसरा सेमीफाइनल कर्नाटक बनाम महाराष्ट्र के बीच खेला गया।जिसमें कर्नाटक ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहाड़ जैसा 5/224 रन का लक्ष्य बनाया।जबाब में महाराष्ट्र टीम बुलन्द हौसले लेकर मैदान पर उतरी। कुणाल फ़नसे के शानदार शतकीय पारी के बावजूद 4/172 रन ही महाराष्ट्र बना सका।यह मुकाबला 52 रन से जीतते हुए कर्नाटक ने फाइनल में प्रवेश किया। मुम्बई के आकाश पाटिल और कर्नाटक के शिवाशंकरा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को प्रातः 10 बजे बी एन ग्राउंड पर फाइनल मुकाबला मुम्बई और कर्नाटक के बीच खेला जाएगा। उन्होंने कहां राजस्थान ने इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि वे सेमीफाइनल तक ही पहुंचे।कल इस चैंपियनशिप का फाइनल विजेता मिलेगा।
डीसीसीआई सचिव रविकांत चौहान ने सेमीफाइनल तक हुए 66 मैचों का ब्यौरा देते हुए कहा इन 132 इनिंग में 16709 रन बने। जिसमें 1368 चौके व 384 छक्के लगे।अब तक 4 शतक और 43 अर्द्धशतक इन दिव्यांग प्रतिभाओं द्वारा लगाए गए। प्रतियोगिता में गेंदबाजों ने 964 विकेट लिए। फिल्डिंग में 299 कैच,35 स्टम्पिंग तथा 39 मेडन ओवर डाले गए।