उदयपुर। गीतांजली यूनिवर्सिटी, उदयपुर एवं हवेली परिवार ने मिलकर किया ‘बीजोत्सव 2.0’ का 12 अगस्त को अमृतम बाग रिजॉर्ट में शुभारंभ हुआ। अभियान का उद्देश्य सीड्स बॉल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जन-अभियान का रूप देना और अधिक से अधिक क्षेत्रों को हराभरा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सहायक वन संरक्षक तरुण मीणा ने शिरकत की। इस अवसर पर गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल की डीन डॉ. संगीता गुप्ता भी उपस्थित रहीं। अभियान की थीम “एक वृक्ष, अनेक जीवन” रखी गई है। इसके तहत फलदार एवं छायादार पेड़ों के बीजों से तैयार सीड्स बॉल के माध्यम से विरान एवं बंजर भूमि को हराभरा बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया गया। सीड्स बॉल के माध्यम से प्राकृतिक रूप से पौधों के विकास को बढ़ावा देने की इस पहल को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की योजना है।
बीजोत्सव 2.0 के तहत 13 अगस्त को रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर पन्नाधाय क्लब में भी पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्लब सदस्यों को सीड्स बॉल के महत्व, पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही, प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने और हरित वातावरण के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में हवेली परिवार से प्रद्युम्न सिंह राठौड़, भानु प्रताप सिंह, राजेश कुमार माली, जयराज सिंह, आयुष लोढ़ा एवं संजय नागदा तथा रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर पन्नाधाय से अरुण बागड़िया-ज़िला गवर्नर 2026-27, निर्मल सिंघवी पूर्व ज़िला गवर्नर (PDG) एवं दीपक सुखाड़िया निर्वाचित जिला गवर्नर (DGE) सहित अनेक गणमान्य अतिथियों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने सहभागिता की।
आयोजकों ने बताया कि बीजोत्सव 2.0 को स्कूलों, कॉलेजों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के प्रति जागरूक किया जा सके।
गीतांजली हॉस्पिटल के हेड-मार्केटिंग कल्पेश चन्द रजबार ने कहा, “मैं सभी से अपील करता हूं कि इस महत्वपूर्ण पहल में एकजुट होकर आगे आएं और अपने आसपास के वातावरण को हराभरा बनाने में योगदान दें। एक छोटी-सी सीड बॉल भी आगे चलकर एक पेड़ का रूप ले सकती है और ऐसी हजारों सीड बॉल मिलकर बंजर भूमि को हरे-भरे जंगल में बदल सकती हैं। आइए, हम सभी मिलकर आज एक छोटा कदम उठाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित एवं स्वस्थ भविष्य का निर्माण करें।”

