विश्व की शीर्ष शीर्ष पाँच चांदी उत्पादक में से एक, सिंदेसर खुर्द माइन में ऑपरेशनल सुरक्षा बढ़ाने के लिए इनोवेटिव कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम
उदयपुर। भारत की एकमात्र और दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनी, हिन्दुस्तान जिंक ने एमओयू के माध्यम से एपिरोक के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। इस सहयोग के तहत, एपिरोक का कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसकी शुरुआत राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित सिंदेसर खुर्द माइन से होगी, जो दुनिया की शीर्ष पांच चांदी उत्पादक खानों में से एक है। बाद में इस पहल को हिंदुस्तान जिंक की सभी भूमिगत माइंस में बढ़ाया जाएगा।
पायलट चरण में, कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम को 30 एलपीडीटी, लो प्रोफाइल डंप ट्रकों पर लागू किया जाएगा। ये ट्रक्स कुशल अयस्क प्रबंधन के लिए आवश्यक विशेष भूमिगत वाहन हैं। यह प्रणाली सतह और भूमिगत दोनों तरह की माइनिंग के लिए डिजाइन की गई है, जो एक व्यापक डिजिटल सुरक्षा समाधान प्रदान करती है। यह सिस्टम लगातार वाहनों के आसपास के वातावरण की निगरानी करता है, आस-पास के उपकरण और कर्मियों का पता लगाता है, और ऑपरेटर की जागरूकता बढ़ाने और जोखिम प्रबंधन को मजबूत करने के लिए रियल-टाइम दृश्य और श्रव्य अलर्ट देता है।
यह परियोजना अत्याधुनिक डिजिटलीकरण का लाभ उठाती है, जिसमें प्रॉक्सिमिटी सेंसर, ऑपरेटर डिस्प्ले यूनिट और एक केंद्रीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से जुड़े पहनने योग्य व्यक्तिगत टैग को एकीकृत किया जाता है। यह तकनीक डेटा को लगातार कैप्चर करने और विश्लेषण करने में सक्षम बनाती है, जिससे सुरक्षा ऑडिट, नियामक अनुपालन और रणनीतिक निर्णय लेने में सहायता मिलती है। उच्चतम सुरक्षा मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया, कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम मॉड्यूलर स्केलेबिलिटी और मौजूदा मशीनरी के साथ सहज एकीकरण प्रदान करता है। इसका बहु-स्तरीय सुरक्षा दृष्टिकोण टकराव के जोखिमों को सक्रिय रूप से कम करने, परिचालन दक्षता को अनुकूलित करने और कार्यबल की सुरक्षा को उच्चतम मानकों तक बनाए रखने के लिए शुरुआती चेतावनियां, ऑपरेटर सलाह और स्वायत्त हस्तक्षेप शामिल करता है।
इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के मुख्यकार्यकारी अधिकारी और पूर्णकालिक निदेशक अरुण मिश्रा ने कहा कि जिंक, लेड और चांदी जैसी रणनीतिक धातुएं क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन और आधुनिक तकनीकों के लिए आवश्यक हैं। दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत जिंक उत्पादक के रूप में, हिन्दुस्तान जिंक उन डिजिटल नवाचारों को अपनाता है जो उत्पादकता बढ़ाते हुए सुरक्षा को बेहतर करते हैं। माइंस में एपिरोक के कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम का एकीकरण परिचालन उत्कृष्टता और तकनीकी नेतृत्व के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा। यह पहल हमारे संचालन में इंटेलिजेंट सुरक्षा समाधानों को और बढ़ाएगी, जिससे सुरक्षित, स्मार्ट और सस्टेनेबल माइनिंग सुनिश्चित होगी।
एपिरोक एबी की प्रेसिडेंट एवं सीईओ हेलेना हेडब्लॉम ने कहा कि, हिन्दुस्तान जिंक के साथ हमारा सहयोग माइनिंग सुरक्षा तकनीक में एक ऐतिहासिक प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है। कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम दर्शाता है कि कैसे डिजिटल नवाचार इंटेलिजेंट सेंसिंग, रियल-टाइम अलर्ट और स्वायत्त वाहन नियंत्रण के माध्यम से सक्रिय जोखिम में कमी लाता है। हमें इस अनुकूलनीय, स्केलेबल समाधान को लागू करने में हिन्दुस्तान जिंक के साथ साझेदारी करने पर गर्व है जो कर्मियों की सुरक्षा करता है और परिचालन मजबूती को बढ़ाता है। साथ मिलकर, हम सुरक्षित, अधिक कुशल भूमिगत माइनिंग परिचालन के लिए वैश्विक बेंचमार्क स्थापित कर रहे हैं।
यह पहल दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में सिंदेसर खुर्द माइन में 30 लो प्रोफाइल डंप ट्रकों पर सिस्टम की स्थापना, अंशांकन, व्यापक ऑपरेटर प्रशिक्षण और निरंतर रखरखाव शामिल है। दूसरा चरण राजस्थान के भूमिगत संचालन में कंपनी-व्यापी सुरक्षा प्रोटोकॉल को एकीकृत करते हुए, हिन्दुस्तान जिंक के वाहनों में कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम के कार्यान्वयन का विस्तार करेगा।
यह पहल हिंदुस्तान जिंक के मजबूत ईएसजी प्रमाण-पत्रों पर आधारित है। एस एंड पी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट 2024 द्वारा हिन्दुस्तान जिं़क को लगातार दूसरे वर्ष मेटल और माइनिंग क्षेत्र में दुनिया की सबसे सस्टेनेबल कंपनी के रूप में स्थान दिया गया है। 2025 में, यह प्रतिष्ठित इंटरनेशनल काउंसिल ऑन माइनिंग एंड मेटल्स में शामिल होने वाली पहली भारतीय कंपनी भी बन गई।
मेटल और माइनिंग उद्योग में पांच दशकों से अधिक की विशेषज्ञता के साथ, हिन्दुस्तान जिंक ऑटोमेशन, रिमोट संचालन और सटीक निगरानी जैसे उन्नत समाधानों को एकीकृत करना जारी रखता है। एपिरोक के साथ यह सहयोग सुरक्षित, स्मार्ट और सस्टेनेबल माइनिंग वातावरण बनाने की दिशा में इसकी यात्रा को और मजबूत करता है।
हिन्दुस्तान जिंक ने माइनिंग में डिजिटल सुरक्षा तकनीक को बढ़ावा देने के लिए एपिरोक के साथ की पार्टनरशीप
