हिन्दुस्तान जिंक के सबसे पुराने देबारी जिंक स्मेल्टर में महिलाओं के लिए नाईटशिफ्ट की शुरूआत

कंपनी के सभी स्मेल्टर और चार माइंस अब महिला इंजीनियरों के साथ पूर्णकालिक रूप से संचालित
उदयपुर :
भारत की एकमात्र और दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनी, हिन्दुस्तान जिंक़ लिमिटेड ने अपनी विविधता और समावेशन की यात्रा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, राजस्थान के उदयपुर स्थित भारत के सबसे पुराने जिंक स्मेल्टर, जिंक स्मेल्टर देबारी में महिला कर्मचारियों के लिए नाईटशिफ्ट की शुरुआत की है।
कंपनी ने अपने प्रमुख परिचालनों में महिला कर्मचारियों के लिए पहले ही बैकशिफ्ट (दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक) और नाइटशिफ्ट (रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक) शुरू कर दी है, जिनमें राजस्थान और उत्तराखंड में रामपुरा आगुचा माइन, पंतनगर मेटल प्लांट, चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स, कायड़ माइन, जावर माइंस और सिंदेसर खुर्द माइन शामिल हैं। इन प्रगतिशील कदमों से हिन्दुस्तान जिंक़ ने 26 प्रतिशत से अधिक का जेंडर डायवर्सिटी अनुपात हासिल किया है, जो भारत के मेटल, माइनिंग और हैवी इंजीनियरिंग क्षेत्रों में सबसे अधिक में से एक है। साथ ही महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए मजबूत उपाय किए गए हैं, ताकि उन्हें एक सुरक्षित कार्यस्थल मिल सके।
हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन, प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा कि यह हिन्दुस्तान जिंक के लिए गर्व का क्षण है और भारत के मेटल और माइनिंग सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारे जिंक स्मेल्टर देबारी में महिलाओं को नाइटशिफ्ट में शामिल कर, हम न केवल बाधाओं को तोड़ रहे हैं, बल्कि समावेशन के नए मानक भी स्थापित कर रहे हैं। सच्ची प्रगति प्रत्येक व्यक्ति को पूर्ण रूप से भाग लेने, निडर होकर नेतृत्व करने और समान रूप से आगे बढ़ने के लिए सशक्त बनाने से आती है – और हम एक ऐसा कार्यस्थल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं जहाँ विविधता नवाचार और विकास को बढ़ावा देती है।
अत्याधुनिक तकनीक, मजबूत सुरक्षा उपायों और प्रगतिशील नीतियों के साथ, हिन्दुस्तान जिंक पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान कार्यस्थलों को भविष्य के लिए तैयार, समावेशी वातावरण में बदलना जारी रखे हुए है। भारत की पहली महिला भूमिगत खदान प्रबंधकों की नियुक्ति से लेकर देश की पहली महिला भूमिगत खदान बचाव टीम की स्थापना तक, कंपनी की अग्रणी पहल लैंगिक समावेशन के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
देबारी में स्मेल्टर संचालन की ग्रेजुएट ट्रेनी, रुबीना अगवानी ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि, जिंक स्मेल्टर देबारी में नाईटशिफ्ट में काम करने वाली पहली महिलाओं में शामिल होना एक सशक्त अनुभव है। हिन्दुस्तान जिंक की समावेशी संस्कृति, सुरक्षा प्रोटोकॉल और मार्गदर्शन ने मुझे सीमाओं को आगे बढ़ाने और पेशेवर रूप से आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया है। यह पहल न केवल मेरे करियर को आगे बढ़ाएगी, बल्कि मेटल और माइनिंग सेक्टर में अवसरों का लाभ उठाने के लिए अन्य महिलाओं को प्रेरित भी करेगी।
हिन्दुस्तान जिंक़ के लिए, विविधता और समावेशन मुख्य व्यावसायिक अनिवार्यताएं हैं। नियामकों के साथ साझेदारी में, कंपनी अवसर प्रदान कर रही है और बाधाओं के बिना भविष्य को आकार दे रही है। यह एक ऐसे कार्यस्थल की ओर एक परिवर्तनकारी कदम है जहां विविधता नवाचार को बढ़ावा देती है और समावेशन विकास को गति देता है।
जैसे-जैसे दुनिया धातु-प्रधान भविष्य की ओर बढ़ रही है, हिन्दुस्तान जिंक एक न्यायसंगत और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। एक ऐसे क्षेत्र में जहाँ महिलाओं का प्रतिनिधित्व पारंपरिक रूप से कम रहा है, कंपनी धातु और खनन क्षेत्र में बढ़ते कौशल अंतर को पाटने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानती है। सभी स्तरों पर महिलाओं के प्रतिनिधित्व को सक्रिय रूप से बढ़ाकर, कंपनी उद्योग को महिला पेशेवरों के लिए अधिक समावेशी, विविध और आकांक्षी बना रही है।
हिन्दुस्तान जिंक का प्रमुख अभियान, वुमेन ऑफ जिंक, इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उद्योग के भविष्य को आकार देने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। 2030 तक 30 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व प्राप्त करने की मजबूत प्रतिबद्धता के साथ, कंपनी न केवल अपने कार्यबल में बदलाव ला रही है, बल्कि जिंक को ध्यान में रखते हुए धातुओं के भविष्य को पुनर्परिभाषित और नेतृत्व भी कर रही है।

Related posts:

PW student Kushagra from Bhiwadi, Rajasthan Achieved AIR 1 in CA Inter via online classes

Hindustan Zinc Saves GHG Emissions Equivalent to Powering More than 4 Lakh Homes

मिशन परिवार विकास श्रेणी के 14 जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर पिम्स हॉस्पिटल सम्मानित

भारत के भालाफेंक पैरा-एथलीट संदीप चौधरी ने डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ से सिटी पैलेस में भेंट की 

इंटर कॉलेज रेडियोलॉजी क्विज आयोजित

कोरोना के खात्मे के लिए बड़लेश्वर महादेव मंदिर में यज्ञ और विशेष पूजा

अब घुटना बदलवाना हुआ आसान: रोबोटिक सर्जरी से कम दर्द, जल्दी आराम

अग्निवीर भर्ती रैली, देश सेवा का जज्बा लिए दौड़ें अभ्यर्थी

बीमारी के लक्षणों से पहले जोखिम की पहचान और त्वरित उपचार के लिए एप का अनावरण

सेवा को स्वभाव बनाएं: प्रशांत अग्रवाल

पिम्स हॉस्पिटल में ब्रोंकोस्कोप का उपयोग कर ब्रोंकोलिथ हटाने की दुर्लभ सफल सर्जरी

पैसिफिक इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ उदयपुर में मनाया मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह