कुंदन माली का एकल रचना पाठ व संवाद के साथ हुआ वरिष्ठ जनों का सम्मान

उदयपुर : राजस्थान साहित्य अकादमी एवं टीम संस्था के संयुक्त तत्वावधान में सांस्कृतिक सृजन पखवाड़ा के तहत सुप्रसिद्ध कवि, आलोचक तथा अनुवादक कुंदन माली का एकल रचना पाठ एवं संवाद आयोजित किया गया। अध्यक्षता प्रो. जी. एम. मेहता ने की। मुख्य अतिथि डॉ. एम. एल. नागदा और विशिष्ठ अतिथि पूर्व आरएएस अधिकारी दिनेश कोठारी थे।
प्रारंभ में संचालक गौरीकांत ने कुंदन माली की रचना प्रक्रिया और आलोचना कर्म का परिचय दिया। स्वागत टीम संस्था के सुनील टांक ने किया । साहित्य अकादमी के सचिव बसंतसिंह सोलंकी ने बताया कि मॉरिशस के साहित्यकार कथा साहित्य पर शोध व डॉक्टरेड प्राप्त करने पर एवं साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए 35 वर्ष तक हिन्दी विभागाध्यक्ष के पद से सेवानिवृत शारदा पोटा का जीवन परिचय वरिष्ठ कहानीकार आलम शाह खान की पुत्री व लेखक तराना परवीन द्वारा पढ़ा गया और उनके सम्मान के साथ ही वरिष्ठ साहित्यकारों व कलाओं में विशेष योगदान देने पर प्रो. जी. एम. मेहता, डॉ. एम. एल. नागदा, दिनेश कोठारी और जी एस राठौड़, कुंदन माली का टीम संस्था की तरफ से विशेष सम्मान किया गया।


इतिहासकार श्रीकृष्ण जुगनू ने बताया कि रचना पाठ में कुंदन माली ने अपने जीवन काल में आरम्भ से अद्यतन चयनित कविताओं का पाठ किया। उनकी “चींटी संचे तीतर जाय” जैसी कविताओं में सामाजिक सत्यों का उद्घाटन था। अन्य रचनाओं में उन्होंने राजस्थानी के मुहावरों का नवीनीकरण किया और वाहवाही लूटी। “रुख़ बचाना” कविता में वृक्ष की भूमिका का चित्रण रोचक था। एक अन्य रचना में कपोल कल्पनाओं का रस था।
कुंदन माली ने अपनी चयनित कविताओं के पाठ से राजस्थान साहित्य अकादमी में साहित्यकारों एवं श्रोताओं के बिच वाहवाही लूटी। गुजरात विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त अंग्रेजी प्राध्यापक कुंदन माली ने राजस्थानी, हिंदी और अंग्रेजी में तीस पुस्तकें लिखी हैं। इनकी कविताओं का हिंदी अनुवाद, गुजराती उपन्यास का हिंदी अनुवाद सहित राजस्थानी आलोचना की पुस्तकें सम्मिलित हैं। वे केंद्रीय साहित्य अकादमी, राजस्थानी भाषा, साहित्य व संस्कृति अकादमी बीकानेर व राजस्थान साहित्य अकादमी सहित कई संस्थाओं से पुरस्कृत व सम्मानित हो चुके हैं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार मंजु चतुर्वेदी, श्रीकृष्ण कुमार जुगनू , मधु अग्रवाल, श्रीनिवास अय्यर, गौरीकांत शर्मा, रेणु देवपुरा, तराना परवीन, सुरेश सालवी, तरुण दाधीच का सम्मान किया ।
वहीं शहर में अपने क्षेत्र में विशेष योगदान के लिये आशीष हरकावत, विपुल शर्मा, अम्बा लाल माली , जमना लाल माली गणमान्य का भी का सम्मान किया गया । टीम संस्था के अशोक शर्मा, सुनील टांक, लक्षा पोटा, शैली श्रीवास्तव, प्रदीप कौशिक, महिपाल सिंह राठौड़ दीपक शर्मा, मुकेश धनगर, मोहसिन खान, करण ने मिलकर टीम संस्था की तरफ से अथितियों का सम्मान किया। अकादमी के रामदयाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

Related posts:

वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूज़िक फ़ेस्टिवल 2026: हिंदुस्तान ज़िंक और सहर ने राजस्थान पर्यटन के साथ किय...

केबिनेट मंत्री खराड़ी ने किया पोपल्टी में पंचायत भवन और पुलिया का लोकार्पण

नवरत्न में एक फिजिशियन ने खोला दिन भर रुकने का क्लीनिक

जलझूलनी एकादशी पर पीछोला घाट पर कराया ठाकुरजी को स्नान

सोशल नेटवर्किंग की लत वाले विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धि और मानसिक स्वास्थ्य का अध्ययन विषयक पर स...

"श्रीरामचरितमानस : राजस्थानी काव्य अनुवाद" व "रागरसरंग कुंडलिया" पुस्तकों का लोकार्पण 2 सितम्बर को

दिव्यांगजनों ने ट्राईसाइकिल रैली निकाल दिया मताधिकार का सन्देश

गीतांजली हॉस्पिटल में किडनियों में से पथरी को निकालने का सफल इलाज

Wings of Change: Hindustan Zinc CelebratesAlumni from Unchi Udaan Program

Nexon EV makes a landmark entry into India Book of Records for the ‘Fastest’ K2K drive by an EV

पिम्स हॉस्पिटल, उमरड़ा में हुई नवजात की जटिल सर्जरी

सडक़ पर मिला आईफोन लौटाकर दिया ईमानदारी का परिचय