गंगा यमुना जैसी पावन है माँ, संतान के सभी दु:ख हर लेती है मां

उदयपुर। भारत विकास परिषद भामाशाह के तत्वावधान में मातृ दिवस अभिनन्दन समारोह का भव्य आयोजन घूमर गार्डन में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व नेशनल वायस चेयरमैन डॉ. एम जी वाष्र्णेय ने कहा कि माँ गंगा यमुना जैसी पावन है, जो संतान के सभी दु:खों का हरण कर लेती है। मां रूपी वृक्ष की छत्रछाया में सभी बालकों के साथ ही सम्पूर्ण परिवार फलता-फूलता, पुष्पित व पल्लवित होता है। समारोह की अध्यक्षता भामाशाह अध्यक्ष नरेंद्र कोठारी ने की। इस अवसर पर समाज सेवा, शिक्षा, साहित्य, कला, सम्पर्क, सहयोग, संस्कार, समर्पण, आदि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य करने वाली पूर्णिमा वाष्र्णेय, डॉ. उषा कोठारी, अनिता सेठ, ललिता वर्मा, मीनाक्षी शर्मा, प्रमिला जायसवाल, किरण गहलोत, भगवती मेनारिया, निर्मला त्रिपाठी, मीरा शर्मा, शान्ता पटेल, सीता न्याती, राजकुमारी इनाणी, सुशीला तातेड़, वर्षा सिंघल, मधुबाला चैनाणी, मीनाक्षी राम मोहन शर्मा का सचिव जितेन्द्र सेठ व कोषाध्यक्ष मदन सियाल ने तिलक, श्रीफल व उपरना पहना कर सम्मान किया। कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा मां के सम्मान में कविता, गीत, संगीत, भजन, नृत्य आदि का प्रभावी प्रस्तुतीकरण हुआ। प्रारंभ में हरीश शर्मा ने सभी का स्वागत किया। संचालन कमल न्याती ने जबकि धन्यवाद रमेश जायसवाल ने दिया।

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