श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्था मेवाड़ कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह

प्री वेडिंग शालीन परंपरागत वेशभुषा में हो साथ ही सामाजिक स्तर पर अस्वीकार्य फोटो प्रदर्शित नहीं करने की नसीहत

उदयपुर। श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्था मेवाड की कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह जस्टिस महेन्द्र दवे, प्रदेश इंटक अध्यक्ष जगदीशराज, समाजसेवी भगवती लाल दुर्गावत एवं गोपाल कृष्ण त्रिवेदी की मौजुदगी में शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न हुआ। अध्यक्ष दिग्विजय श्रीमाली ने समुचे मेवाड अंचल से बनाई गई कार्यकारिणी को पद एवं गोपनियता की शपथ दिलाई और समाज हित में उत्कृष्ठ कार्य करने के लिये प्रेरित किया। शपथ ग्रहण समारोह और कार्यकारिणी की पहली बैठक टाइगर हिल स्थित श्री संस्कार भवन प्रांगण में आयोजित की गई।

कार्यक्रम का आयोजन माता महालक्ष्मी के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यकारिणी की पहली बैठक में कई महत्वपुर्ण निर्णय पारित किये गये तो वहीं सामाजिक परंपराओं के निर्वहन में सुधार को लेकर लंबी चर्चा हुई। सामाजिक विकास मंत्री तुलजेश श्रीमाली के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्री वेडिंग शूट में डाढी रखने के बढते चलन पर समाज के सभी सदस्यों को यह आग्रह किया गया की प्री वेडिंग शूट शालीन परंपरागत वेशभुषा में ही किया जाये साथ ही ऐसे फोटो जो सामाजिक स्तर पर अस्वीकार्य हो का सार्वजनिक प्रदर्शन प्री वेडिंग के रूप में नहीं करें। सांस्कृतिक मंत्री जमनालाल ओझा ने प्रस्ताव रखा की समाज में यदि किसी मातृ शक्ति का निधन होता हैं तो अंतिम संस्कार देह पर सूती वस़्त्र धारण करा कर किया जाये और मृतक महिला को स्नान कराने की परंपरा महिलाओं द्वारा ही पूरी की जाये। महिला की मृत्यू पर घर के अलावा सिर्फ पीहर पक्ष की साडी को ही स्वीकार्य किया जाना चाहिये साथ ही पगडी दस्तुर के कार्यक्रम में भी ननिहाल और पीहर पक्ष की पाग ही स्वीकार हो। इन सुझावों को कार्यकारिणी के सदस्यों द्वारा सर्वसम्मत्ति से पारित किया गया।

दिग्विजय श्रीमाली ने बताया कि बैठक में श्रीमाली समाज मेवाड का परिवार परिचय ग्रंथ बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया साथ ही आगामी दिनों में गरबा नृत्य और सामूहिक करवा चौथ व्रत उद्यापन का कार्यक्रम भी संस्था द्वारा उदयपुर में आयोजित करना तय किया गया। दिग्विजय श्रीमाली ने सभी समाज जनों से संस्कार भवन के निर्माण में तन मन धन से सहयोग के लिये भी आव्हान किया। सांस्कृतिक मंत्री जमनालाल श्रीमाली ने बैठक में सभी को फरवरी 2026 में उदयपुर में सामूहित यज्ञोपवित संस्कार आयोजन करने के बारे में भी जानकारी दी। मेवाड की युवा ईकाई के अध्यक्ष प्रफुल्ल श्रीमाली ने बताया कि नवरात्रा में गरबा आयोजन में युवा टीम की पुरी सहभागिता रहेगी जिसे भव्य स्तर पर पहली बार आयोजित करने का प्रयास किया जायेगा। खेल मंत्री ने अक्टूबर माह में फील्ड क्लब में समाज की क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजन की जानकारी भी कार्यकारिणी के साथ साझा की।

महेन्द्र दवे ने कहा कि हमें भौतिक विकास के साथ-साथ वैचारिक विकास की ओर ध्यान देना चाहिए, हमें अपनी सोच का दायरा बढ़ाना चाहिए। जगदीश राज श्रीमाली ने कहां की पुरातन एवं आधुनिकता में समन्वय स्थापित करते हुए समाज को आगे बढ़ाने के प्रयास होने चाहिए। भगवती लाल दुर्गावत एवं गोपाल कृष्ण त्रिवेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओम शंकर श्रीमाली, उपाध्यक्ष सत्यनारायण श्रीमाली, प्रचार प्रसार मंत्री डॉ प्रमोद कुमार श्रीमाली, रमेश श्रीमाली, गिरीश श्रीमाली, अरविंद श्रीमाली एवं संयुक्त महामंत्री भाव प्रकाश दशोत्तर द्वारा भी विचार व्यक्त किए गए। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री दिनेश श्रीमाली द्वारा किया गया। बैठक के दौरान दिग्विजय श्रीमाली ने श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्था, मेवाड़ के प्रथम अध्यक्ष स्व.कन्हैयालालजी त्रिवेदी एवं श्री संस्कार भवन ट्रस्ट के प्रथम अध्यक्ष स्व. विजयजी श्रीमाली को श्रद्धांजलि दी।

Related posts:

पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज उदयपुर में नई उन्नत न्यूरोबायोफीडबैक थेरेपी का उद्घाटन

सेव द गर्ल चाइल्ड ब्रांड एम्बेसडर डॉ. दिव्यानी को थाईलेंण्ड में मिला सम्मान

फतहसागर छलका

Sir Padampat Singhania University Celebrates its 11th Convocation Ceremony with Grandeur

माइनिंग ऑपरेशन्स में सरफेस पर महिलाओं को नाईट शिफ्ट में शामिल कर हिन्दुस्तान जिंक ने रचा इतिहास

नारायण सेवा संस्थान और डीसीसीआई द्वारा आयोजित चौथी राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट चैंपियनशिप 2024

उदयपुर में एचडीएफसी बैंक की नई शाखा का शुभारंभ

Atypical Advantage and Nexus Select Malls Unite for an Inclusive Independence Day Celebration

नवागन्तुक कलेक्टर का स्वागत

उदयपुर के लालस करेंगे ओलंपिक हॉकी मैचों की कमेंट्री

प्रज्ञाचक्षु-दिव्यांग और विमंदित बच्चों के संग जन्माष्टमी मनाई

नए ओलंपिक संघ को मान्यता देना खिलाडिय़ों के हितों के विपरीत