उत्कृष्ट बालिकाओं का किया सम्मान

हमारी ताकत और गुरूर है हमारी बेटियॉ – कर्नल प्रो. सारंगदेवोत
उदयपुर :
राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय की ओर से राष्ट्रीय बालिका दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली बालिकाओं का कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत, कुलाधिपति कुल प्रमुख भंवरलाल गुर्जर, डॉ. भवानीपाल सिंह राठौड़ ने उपरणा ओढ़ा कर सम्मान किया गया। प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि जहॉ तक बालिकाओं की सुरक्षा, एज्यूकेशन की, या उनकी आजादी की बात हो, यह न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में सोचने की बात है। जहॉ तक हम एज्यूकेशन के आकडे देखते तो बहुत खुश होते है लेकिन हमारी मानसिकता में अभी तक कोई बदलाव नहीं आया है, बालिकाओं के साथ रोक टोक की जाती है, उनके आगे बढने के अवसरों को रेाका जाता है, इस मानसिकता को बदलना होगा, जब तक एक सोच के साथ आगे नहीं बढेगे तब तक बालिकाओं का आगे बढने का सपना अधूरा ही रहेगा। हम लोगों को एक ऐसी दुनिया के निर्माण की कोशिश करनी चाहिए जहॉ हमारी बेटिया, हमारे बेटों की तरह ही अपने सपनों को पूरा कर सके। आज हमारी बेटिया अपनी काबिलियत की बदौलत पुरूषों से कही आगे निकल गई, यहॉ तक की सेना में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा ली है, बेटिया आज के दौर में परिवारजनों का गुरूर है, उनकी ताकत बन चुकी है। आज पूरा परिवार एक बेटी पर विश्वास करता है। उन्होेने कहा कि आज के दौर में कुछ हद तक आम व्यक्ति की मानसिकता में बदलाव आया है और बेटियों के घर में जन्म लेने पर खुशिया मनाई जाती है।
कुलाधिपति भंवरलाल गुर्जर ने कहा कि आज हमारी बेटियों ने घर की दहलीज लांघकर कर क्षेत्र में नये नये कीर्तिमान स्थापित रही है और देश का नाम पूरे विश्व में रोशन कर रही है। उन्होने कहा कि यदि एक महिला शिक्षित होगी तो पूरा परिवार शिक्षित होता है, आवश्यकता है लडके व लडकियों में भेदभाव को मिटाने की और दोनो को समान का अधिकार देने की। इस अवसर पर प्रो. आईजे माथुर, डॉ. संतोष लाम्बा, डॉ. शीतल चुघ, डॉ. रोहित कुमावत, डॉ. अनिता राजपुत, सहित संकाय सदस्य उपस्थित थे।

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