मरणोपरांत किया नेत्रदान

चित्तौड़गढ़ (मुकेश मूंदड़ा )। मरकर भी किसी की आंखों में उजाला भर देना ही सच्चा जीवन है। इसी महान संकल्प को साकार करते हुए मंगलवार को प्रताप नगर हाउसिंग बोर्ड निवासी जगदीश चंद्र काकानी का आकस्मिक निधन होने पर उनके परिजनों ने अत्यंत मानवता और सेवा की भावना के साथ मरणोपरांत नेत्रदान का निर्णय लेकर एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। दिवंगत के परिजन नाथूलाल, रमेश चंद्र, धर्मपत्नी भगवती देवी, अनिल, मनीष, पुत्री मंजू, मुकेश, योगेश, महेश, बनवारी, मनमोहन एवं अन्य परिवारजन के आग्रह एवं उपस्थिति में भारत विकास परिषद के सत्य नारायण काबरा की प्रेरणा से महावीर इंटरनेशनल द्वारा नेत्रदान की प्रक्रिया पूर्ण करवाई गई। नेत्रदान के इस पुनीत कार्य में महावीर इंटरनेशनल के बलवंत सिसोदिया, मनोहर सिसोदिया, सी पी जैन, अभय संजेती, सुरेश बड़ाला, ललित सेठिया उपस्थित थे। महावीर इंटरनेशनल नेत्र चिकित्सालय के वसीम खान एवं अजय शर्मा द्वारा कॉर्निया उत्सर्जन की प्रक्रिया सम्पन्न की गई। प्राप्त दोनों नेत्रों से अब दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को जीवन में प्रकाश मिलेगा एवं यह दिवंगत जगदीश काकानी की अमर विरासत बनकर समाज में प्रेरणा देती रहेगी।

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