आरबीआई के उप-गवर्नर ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में भारत कनेक्ट पर विदेशी मुद्रा सेवाओं के लिए मल्टी-करेंसी क्षमताओं की शुरुआत की

बड़े पैमाने पर लॉन्च से पहले, भागीदार संस्थानों के माध्यम से पांच अतिरिक्त मुद्राओं और कई विदेशी मुद्रा सेवाओं की शुरुआत की गई।
उदयपुर :
आरबीआई के डिप्टी गवर्नर, रोहित जैन ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ)  2026 में भारत कनेक्ट पर फॉरेक्स कैटेगरी के लिए मल्टी-करेंसी क्षमताओं की शुरुआत की घोषणा की। यह पहल फिलहाल सॉफ्ट लॉन्च के रूप में की जा रही है। टेस्टिंग चरण के सफलतापूर्वक पूरा होने और उसके आकलन के बाद, इस सुविधा को भारत कनेक्ट के अधिक चैनलों और भागीदार बैंकों तक विस्तारित करने का प्रस्ताव है।
यह प्लेटफॉर्म एनपीसीआई भारत बिलपे लिमिटेड द्वारा संचालित है और क्लियरकॉर्प डीलिंग सिस्टम्स (इंडिया) लिमिटेड द्वारा संचालित एफएक्स-रिटेल के साथ एकीकृत है। क्लियरकॉर्प, द क्लियरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। अब यह प्लेटफॉर्म यूरो, ब्रिटिश पाउंड, कनाडाई डॉलर, स्विस फ्रैंक  और यूएई दिरहम को सपोर्ट करेगा। इस पहल का उद्देश्य मौजूदा फॉरेक्स सुविधा को अमेरिकी डॉलर से आगे बढ़ाना और ग्राहकों को एक ही प्लेटफॉर्म के माध्यम से फॉरेक्स सेवाओं की व्यापक रेंज तक पहुंच उपलब्ध कराना है।
भागीदार भारत कनेक्ट चैनलों का उपयोग करने वाले ग्राहक अब कई फॉरेक्स सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, जिनमें विदेशी मुद्रा खरीदना, विदेशों में धन भेजना और फॉरेक्स कार्ड में दोबारा राशि लोड करना शामिल है। इसके साथ ही, ग्राहकों को एफएक्स-रिटेल द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली लाइव दरों, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और सहज बुकिंग अनुभव का लाभ मिलता रहेगा। लेन-देन की पूर्ति ग्राहक के विश्वसनीय रिलेशनशिप बैंक के माध्यम से जारी रहेगी, जिससे सभी लेन-देन में विश्वसनीयता और भरोसा सुनिश्चित होगा। ग्राहक अपने फॉरेक्स रिटेल प्रोफाइल में एक से अधिक रिलेशनशिप बैंक भी जोड़ सकते हैं और जिस बैंक के माध्यम से वे अपने लेन-देन की पूर्ति करना चाहते हैं, उसका चयन कर सकते हैं। इससे एक से अधिक बैंकों के साथ बैंकिंग संबंध रखने वाले ग्राहकों को अधिक लचीलापन मिलेगा।
यह सुविधा ग्राहकों के लिए विकल्पों का विस्तार करती है और साथ ही मौजूदा एफएक्स-रिटेल इंफ्रास्ट्रक्चर तथा भारत कनेक्ट लेन-देन प्रक्रिया का लाभ उठाती है। अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच भारत कनेक्ट के माध्यम से किए गए फॉरेक्स लेन-देन का मूल्य 10 करोड़ रुपये से अधिक रहा। मल्टी-करेंसी सुविधा ग्राहकों को यात्रा, शिक्षा, कारोबार और अंतरराष्ट्रीय भुगतान संबंधी जरूरतों के लिए विभिन्न मुद्राओं तक पहुंच प्रदान करती है, वह भी मौजूदा ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया में किसी बदलाव के बिना।
सीसीआईएल के एमडी नंद किशोर ने कहा कि सॉफ्ट लॉन्च के तहत, ग्राहक मोबिक्विक, भीम, बॉब वर्ल्ड, पीएनबी, फेडरल बैंक, एसबीआई और एक्सिस बैंक सहित भागीदार भारत कनेक्ट चैनलों के माध्यम से मल्टी-करेंसी सेवा का लाभ उठा सकते हैं। इस सेवा के लिए भागीदार पूर्ति बैंकों में पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और फेडरल बैंक शामिल हैं। आज का लॉन्च रिटेल विदेशी मुद्रा सेवाओं को सभी बाजार प्रतिभागियों के लिए अधिक सुलभ, सुविधाजनक और समावेशी बनाने की हमारी प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कई मुद्राओं में एफएक्स-रिटेल प्लेटफॉर्म का विस्तार ग्राहकों को अधिक विकल्प प्रदान करेगा, जबकि भारत कनेक्ट के साथ इसका एकीकरण भागीदार संस्थानों के डिजिटल चैनलों के माध्यम से रिटेल फॉरेक्स सेवाओं तक पहुंच को और अधिक आसान बनाएगा। इंटरऑपरेबल डिजिटल इकोसिस्टम के भीतर ग्राहकों तक निष्पक्ष और पारदर्शी फॉरेक्स बाजारों को सीधे पहुंचाकर, सरल उपयोगकर्ता अनुभव और व्यापक बाजार पहुंच का हमारा उद्देश्य अब भारत के विदेशी मुद्रा बाजारों के लिए वास्तविकता बन गया है।
इस विकास पर बात करते हुए, एनबीबीएल की एमडी एवं सीईओ डॉ. नूपुर चतुर्वेदी ने कहा कि ग्राहकों द्वारा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बनाने का तरीका तेजी से बदल रहा है, जिससे सरल, पारदर्शी और आपस में जुड़े अनुभवों की आवश्यकता बढ़ रही है। भारत कनेक्ट पर मल्टी-करेंसी फॉरेक्स सुविधा की शुरुआत ग्राहकों को अधिक विकल्प प्रदान करती है, साथ ही प्लेटफॉर्म के अनुभव की पहचान बनने वाली सुविधा और भरोसे को भी बनाए रखती है। पारदर्शी मूल्य निर्धारण और लेन-देन में अधिक स्पष्टता के माध्यम से हम फॉरेक्स सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने में मदद कर रहे हैं। हमारा मानना है कि सीमा-पार रिटेल वित्तीय सेवाओं का भविष्य ऐसे खुले नेटवर्क तैयार करने में है, जहां ग्राहक परिचित डिजिटल चैनलों के माध्यम से कई सेवा प्रदाताओं और सेवाओं में से अपनी पसंद का विकल्प चुन सकें।” आरबीआई के मार्गदर्शन और एनबीबीएल तथा सीसीआईएल के बीच करीबी सहयोग से, मल्टी-करेंसी विस्तार बैंकों और फ्रंट-एंड पार्टनर्स के लिए फॉरेक्स के संभावित अवसरों का दायरा बढ़ाता है, साथ ही ग्राहकों के लिए एक मजबूत, पारदर्शी और सहज अनुभव सुनिश्चित करता है।