आत्मरक्षा एवं चरित्र निर्माण शिविर सम्पन्न

चित्तौड़गढ़ (मुकेश मूंदड़ा )। श्री गुरुकुल में आयोजित आर्य वीर दल का विशाल प्रान्तीय भव्य व्यायाम प्रदर्शन के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर सार्वदेशिक आर्य वीर दल के प्रधान संचालक आचार्य नंदकिशोर, एमडीएच समूह के प्रतिनिधि व सर्वे भवंतु सुखिनः ट्रस्ट अध्यक्ष महात्मा जितेंद्र भाटिया, जीववर्धन शास्त्री, जय सिंह गहलोत, आचार्य सोमदेव, विजय शर्मा, आचार्य चन्द्रदेव, हीरानंद शास्त्री, आर्य वीरांगना दल की प्रदेश संयोजिका सरोज मालू एवं सरस्वती शर्मा आदि मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रांतीय संचालक भवदेव शास्त्री, विशाल माहेश्वरी, गगेन्द्र आर्य, रामकृष्ण शास्त्री और अभिषेक बंसल आदि के अथक प्रयासों से चित्तौड़गढ़ प्रांतीय आर्य वीर प्रशिक्षण शिविर बड़े हर्ष और उत्साह के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का सुंदर एवं सुचारू संचालन करने के लिए शिविर संयोजक विशाल माहेश्वरी, सरस्वती शर्मा और अजय बनवार नेपाली का सभी अतिथियों द्वारा विशेष अभिनंदन किया गया। शिविर में दो दर्जन व्यायाम शिक्षकों ने युवाओं को संस्कार व शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के बाद अनेक आर्य वीरों ने शाखानायक की योग्यता तथा कई बच्चों ने आर्यवीर श्रेणी की योग्यता प्राप्त कर प्रमाण-पत्र और पुरस्कार जीते। आज के समय में युवा पीढ़ी के सामने नशा, झूठ, छल-कपट, अनुशासनहीनता और शारीरिक कमजोरी जैसी गंभीर चुनौतियाँ बढ़ रही हैं। ऐसे समय में आर्य वीर दल बच्चों और युवाओं को शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और संस्कारात्मक रूप से मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इन शिविरों के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, राष्ट्रप्रेम, वैदिक संस्कृति के प्रति सम्मान और समाजसेवा की भावना विकसित की जाती है।
इसी क्रम में अब राष्ट्रीय आर्य वीर प्रशिक्षण शिविर 1 से 15 जून तक कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के गुरुकुल परिसर में आयोजित होने जा रहा है। इस राष्ट्रीय शिविर में देश व प्रदेशभर से लगभग 500 आर्य वीरों के भाग लेने की संभावना है, जिन्हें अगले चरण का व्यायाम शिक्षक एवं शाखानायक श्रेणी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आर्य वीरांगनाओं का प्रशिक्षण शिविर 6 से 15 जून तक कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित होगा। अभिभावक अपनी कन्याओं को भी इस संस्कारमय प्रशिक्षण शिविर में भेज सकते हैं। आर्य वीर दल पूरे देश में प्रतिवर्ष ऐसे अनेक शिविरों का आयोजन करता है, जिनमें बच्चों और युवाओं को भारतीय वैदिक संस्कृति, शारीरिक व्यायाम, अनुशासन, आत्मरक्षा, बौद्धिक विकास और राष्ट्रसेवा का प्रशिक्षण दिया जाता है। चित्तौड़गढ़ के प्रांतीय शिविर में 22 जिलों के लगभग 300 आर्य वीरों ने भाग लिया, जबकि आगामी राष्ट्रीय शिविर में विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में युवा जुटेंगे।

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