गीतांजलि हॉस्पिटल में चुनौतीपूर्ण लिवर सर्जरी सफल, 70 वर्षीय मरीज को मिली राहत

उदयपुर। लिवर में 10 सेंटीमीटर से बड़ा कैंसरग्रस्त ट्यूमर, प्रमुख रक्त वाहिकाओं और पित्त की नलियों से उसकी नजदीकी तथा मरीज की 70 वर्ष की उम्र—इन चुनौतियों के बीच गीतांजलि हॉस्पिटल के गैस्ट्रो एवं लिवर सर्जन डॉ. हेमंत जैन और उनकी टीम ने जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की। इस ऑपरेशन में कैंसरग्रस्त हिस्से को निकालने के साथ लिवर की शेष कार्यक्षमता और महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाओं को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती थी।


मरीज की सेंट्रल हेपेटेक्टॉमी (Central Hepatectomy) की गई, जिसमें लिवर के मध्य भाग से कैंसरग्रस्त हिस्सा निकाला गया। ट्यूमर की स्थिति के कारण हेपेटिक वेन (Hepatic Vein) के प्रभावित हिस्से को भी ट्यूमर के साथ निकालना पड़ा, जबकि पोर्टल वेन को सुरक्षित रखा गया। ऑपरेशन के बाद मरीज को विशेषज्ञ चिकित्सा निगरानी में रखा गया। स्थिति में सुधार होने पर उसे स्थिर अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इस जटिल ऑपरेशन में एनेस्थीसिया टीम से डॉ. अनुश जैन, सर्जरी टीम से डॉ. भुवना एवं डॉ. हरिकांत तथा ओटी स्टाफ जितेंद्र, प्रवीण, मुकेश और अरविंद का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। मरीज के परिजनों ने बेहतर उपचार और निरंतर देखभाल के लिए डॉ. हेमंत जैन एवं गीतांजलि हॉस्पिटल की पूरी चिकित्सा टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
डॉ. हेमंत जैन ने बताया कि बड़े लिवर ट्यूमर की सर्जरी में कैंसर निकालने के साथ लिवर की शेष कार्यक्षमता और प्रमुख रक्त वाहिकाओं को सुरक्षित रखना जरूरी होता है। इसके लिए सटीक सर्जिकल योजना और विशेषज्ञ टीम का समन्वय महत्वपूर्ण है।
डॉ. जैन ने अपील की कि लगातार पेट दर्द, पेट में सूजन, बिना कारण वजन कम होना या आंखों व त्वचा में पीलापन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। समय पर चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञ परामर्श से बीमारी की पहचान कर उचित उपचार किया जा सकता है।