गीतांजलि हॉस्पिटल में 20 सेंटीमीटर से बड़ी दुर्लभ पेट की गांठ का सफल ऑपरेशन

तीन बार हो चुकी थी सर्जरी, डॉ. हेमंत जैन के नेतृत्व में टीम ने आठ घंटे की चुनौतीपूर्ण सर्जरी में हासिल की सफलता
उदयपुर।
गीतांजलि हॉस्पिटल में 75 वर्षीय मरीज के पेट में मौजूद 20 सेंटीमीटर से भी बड़ी दुर्लभ गांठ का जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। मरीज की इससे पहले बाहर के अस्पतालों में तीन बार सर्जरी हो चुकी थी, लेकिन गांठ पूरी तरह नहीं निकल पाई थी। तीन पूर्व सर्जरियों के बाद उसी क्षेत्र में इतने बड़े आकार की गांठ का ऑपरेशन करना बेहद चुनौतीपूर्ण था।


गीतांजलि हॉस्पिटल के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. हेमंत जैन के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने मरीज की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन कर ऑपरेशन की सावधानीपूर्वक योजना बनाई। करीब आठ घंटे चली इस जटिल सर्जरी में टीम ने पेट की विशाल गांठ को आसपास के महत्वपूर्ण अंगों और आंतों से सुरक्षित रूप से अलग कर सफलतापूर्वक निकाल दिया।
पूर्व की तीन सर्जरियों के कारण पेट के अंदर अत्यधिक चिपकाव और सामान्य शारीरिक संरचना में बदलाव हो चुका था। गांठ भी आसपास के महत्वपूर्ण अंगों और आंतों से मजबूती से जुड़ी हुई थी। ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टीम ने सटीक सर्जिकल तकनीक और आपसी समन्वय के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। सर्जरी के दौरान रक्तस्राव को नियंत्रित रखने और महत्वपूर्ण अंगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया।
डॉ. हेमंत जैन ने बताया कि 75 वर्ष की उम्र, तीन पूर्व सर्जरियां और 20 सेंटीमीटर से बड़ी पेट की गांठ ने इस मामले को बेहद जटिल बना दिया था। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सही योजना, अनुभवी विशेषज्ञ टीम, बेहतर समन्वय और धैर्य ही सफल परिणाम की कुंजी हैं।
सफल ऑपरेशन के बाद मरीज की रिकवरी संतोषजनक रही और अब वह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है। गीतांजलि हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम द्वारा किए गए इस सफल ऑपरेशन ने जटिल एवं पूर्व में कई बार ऑपरेट किए जा चुके मामलों में उन्नत सर्जिकल उपचार की क्षमता को भी सामने रखा है।