सांवलियाजी। मेवाड़ अंचल के प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर श्री सांवलिया सेठ मंदिर के मासिक भंडार की गणना 7 चरणों में पूरी हुई।। होली के अवसर पर खुले भंडार की गणना के पूर्ण होने पर राशि 46 करोड़ 58 लाख 32 हजार 924 रुपए प्राप्त हुए। गणना सम्पन्न होने के साथ ही होली पर खुले भंडार की अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा राशि सामने आई है।
मंदिर मंडल बोर्ड के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया कि श्री सांवलिया सेठ मंदिर का भंडार 2 मार्च को खोला गया था। उसके बाद भंडार की गणना शुरू हुई। इसके तहत भंडार से 36 करोड़, 57 लाख, 87 हज़ार 642 रुपए प्राप्त हुए। इसके साथ ही भेंटकक्ष और ऑनलाइन डोनेशन से 10 करोड़ 45 हजार 282 रुपए प्राप्त हुए है। भंडार और भेंट कक्ष में सोने चांदी भी बड़ी मात्रा में आयें है। भेंटकक्ष और भंडार से सोना 2 किलो 967 ग्राम 480 मिलीग्राम, और भेंटकक्ष और भंडार से चांदी 152 किलो 609 ग्राम प्राप्त हुई है।
होली के अवसर दान पेटी साल में एक बार पूर्णिमा को खोली जाती है। इस बार डेढ़ महीने के भंडार ने होली पर निकलने वाली दान राशि के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिये है। यही नहीं सोने चांदी की मात्रा भी इस बार हर साल के मुकाबले काफी ज्यादा रही। श्री सांवलिया सेठ के भक्तों में यह मान्यता है कि मन्नत पूरी होने पर भगवान को सोने और चांदी के अंगूठे भेंट चढ़ाए जाते हैं। यही नहीं भगवान को अपने बिजनेस में पार्टनर बनाने की भी भक्तों में मान्यता रहती है।
सांवलिया सेठ मंदिर के भंडार में 46 करोड़ 58 लाख से ज्यादा की रिकॉर्ड भेंट राशि मिली, सोने चांदी के भी बने रिकॉर्ड
