उदयपुर। मस्तिष्क और स्कल बेस से जुड़ी जटिल बीमारियों का उपचार चिकित्सा क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण प्रक्रियाओं में शामिल है। इन रोगों में मस्तिष्क के महत्वपूर्ण हिस्सों, नसों, रक्त वाहिकाओं और हार्मोन नियंत्रित करने वाली संरचनाओं के बेहद करीब सर्जरी करनी पड़ती है। ऐसे मामलों में सटीक निदान, अत्याधुनिक इमेजिंग, अनुभवी विशेषज्ञों और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बेहद महत्वपूर्ण होता है। गीतांजली हॉस्पिटल, उदयपुर में ऐसे जटिल मामलों के प्रबंधन के लिए मल्टीडिसिप्लिनरी टीम आधारित उपचार व्यवस्था उपलब्ध है।
हॉस्पिटल में न्यूरोसर्जरी, न्यूरोलॉजी, ईएनटी, न्यूरोएनेस्थीसिया, न्यूरोरैडियोलॉजी एवं एंडोक्राइनोलॉजी के विशेषज्ञ मिलकर मरीज की बीमारी का व्यापक मूल्यांकन करते हैं और उसकी स्थिति के अनुरूप उपचार की रणनीति तैयार करते हैं। हॉस्पिटल में पिट्यूटरी मैक्रोएडेनोमा, क्रेनियोफैरिंजियोमा, क्लाइवस ट्यूमर, स्कल बेस ऑस्टियोमायलाइटिस तथा सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड (सीएसएफ) राइनोरिया जैसे जटिल मामलों का प्रबंधन किया गया है।
न्यूरोसर्जरी और ईएनटी विशेषज्ञों का संयुक्त प्रयास :
जटिल स्कल बेस सर्जरी में मस्तिष्क के महत्वपूर्ण हिस्सों और नसों के आसपास अत्यंत सावधानी से कार्य करना पड़ता है। ऐसे मामलों में न्यूरोसर्जरी और ईएनटी विशेषज्ञों का संयुक्त अनुभव उपचार को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गीतांजली हॉस्पिटल में न्यूरोसर्जरी विभाग से डॉ. गोविंद मंगल एवं डॉ. गौरव गुप्ता तथा ईएनटी विभाग से डॉ. अनामिका के साथ न्यूरोएनेस्थीसिया विशेषज्ञों और नर्सिंग स्टाफ ने जटिल मामलों के सर्जिकल प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चयनित मरीजों में एंडोस्कोपिक एंडोनासल सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिसमें नाक के प्राकृतिक मार्ग से स्कल बेस के कुछ हिस्सों तक पहुंच बनाई जाती है। इस प्रकार की सर्जरी में सटीक प्लानिंग और विशेषज्ञ टीम के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक होता है।
न्यूरोएनेस्थीसिया और नर्सिंग टीम बनी उपचार की मजबूत कड़ी जटिल न्यूरोसर्जिकल उपचार में सर्जिकल टीम के साथ न्यूरोएनेस्थीसिया विशेषज्ञों और नर्सिंग स्टाफ की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। न्यूरोएनेस्थीसिया टीम द्वारा सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया प्रबंधन, मरीज की महत्वपूर्ण शारीरिक स्थितियों की लगातार निगरानी और पेरीऑपरेटिव केयर सुनिश्चित की जाती है।
वहीं, नर्सिंग टीम मरीज की देखभाल की निरंतरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। सर्जरी से पहले मरीज की तैयारी से लेकर ऑपरेशन के दौरान आवश्यक समन्वय और सर्जरी के बाद पोस्ट-ऑपरेटिव निगरानी तक नर्सिंग स्टाफ चिकित्सकीय टीम की महत्वपूर्ण सहयोगी कड़ी के रूप में कार्य करता है।
विशेष रूप से सर्जरी के बाद मरीज के वाइटल पैरामीटर्स, न्यूरोलॉजिकल स्थिति, दवाओं, रिकवरी और संभावित बदलावों की लगातार निगरानी नर्सिंग टीम द्वारा की जाती है। किसी भी महत्वपूर्ण बदलाव की स्थिति में चिकित्सकों के साथ तत्काल समन्वय किया जाता है। इस टीमवर्क से मरीज की सुरक्षित और व्यवस्थित देखभाल को मजबूती मिलती है।
हर मरीज के लिए टीम आधारित उपचार योजना :
स्कल बेस और ब्रेन ट्यूमर के मरीजों में बीमारी के आकार और स्थान के साथ-साथ आसपास की महत्वपूर्ण संरचनाओं से उसके संबंध, न्यूरोलॉजिकल स्थिति और आवश्यकता पड़ने पर हार्मोनल स्थिति का भी मूल्यांकन किया जाता है। इसमें न्यूरोरैडियोलॉजी विशेषज्ञ विस्तृत इमेजिंग में सहयोग करते हैं, जबकि न्यूरोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विशेषज्ञ मरीज की संबंधित चिकित्सकीय आवश्यकताओं का मूल्यांकन करते हैं।
इस तरह मरीज के निदान से लेकर इमेजिंग, उपचार की योजना, सर्जरी, पेरीऑपरेटिव मैनेजमेंट और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर तक विभिन्न विशेषज्ञ एक टीम के रूप में कार्य करते हैं। गीतांजली हॉस्पिटल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ न्यूरोएनेस्थीसिया और समर्पित नर्सिंग टीम का यह समन्वय जटिल स्कल बेस एवं ब्रेन रोगों के मरीजों को सुरक्षित, व्यापक और समन्वित चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
न्यूरोसर्जरी और ईएनटी विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयास से जटिल स्कल बेस रोगों का उपचार, विशेषज्ञता से नर्सिंग केयर तक मजबूत टीमवर्क
