पिम्स उमरडा में हुआ दो दिवसीय ऑर्थोपेडिक इलिजारोव वर्कशॉप का आयोजन

उदयपुर। पिम्स उमरड़ा के ऑर्थोपेडिक विभाग द्वारा दो दिवसीय बेसिक इलिजारोव (ILIZAROV) वर्कशॉप का आयोजन किया गया। संस्थान के चेयरमैन आशीष अग्रवाल (Ashish Agrawal) का आभार व्यक्त करते हुए डॉ. बी.एल. कुमार (Dr B L Kumar) ने कहा कि उदयपुर में इस तरह कि राष्ट्र स्तरीय वर्कशॉप का आयोजन पहली बार हुआ है। इस वर्कशॉप में देश के विभिन्न राज्यों से आये हुए 58 ऑर्थोपेडिक चिकित्सको ने हिस्सा लेकर इलिजारोव सर्जरी की तकनीक सीखी। मुंबई के विश्व-प्रसिद्ध इलिजारोव सर्जन डॉ मंगल परिहार (Dr Mangal Parihar) इस वर्कशॉप के डायरेक्टर रहे और अनेक शहरो के 15 अनुभवी सर्जन फैकल्टी रहे। विभागाध्यक्ष डॉ बी एल कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ लक्ष्मी नारायण मीणा एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ योगेश कुमार शर्मा वर्कशॉप के आयोजक रहे।
वर्कशॉप के संयोजक पिम्स उमरड़ा के ऑर्थोपेडिक एवं इलिजारोव सर्जन डॉ अंकित चौहान (Dr Ankit Chouhan) ने बताया कि इलिजारोव तकनीक जोड़ एवं हड्डी रोगो का इलाज करने की रशियन पद्धति है। इस तकनीक के द्वारा जटिल फ्रैक्चर, हड्डियों का संक्रमण, हाथ-पैरो की हड्डियों का टेढ़ापन इत्यादि का इलाज किया जाता है। पैरो की लम्बाई बढ़ाने की सर्जरी भी इसी तकनीक पर आधारित है। डॉ चौहान ने बताया कि पिम्स उमरड़ा में इलिजारोव सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है और कई मरीजों का सफलता पूर्वक इलिजारोव सर्जरी से इलाज किया जा चुका है।
वर्कशॉप में सम्मिलित हुए चिकित्सको ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आशा व्यक्त की कि आगे भी इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा जिस से अन्य अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा की ट्रेनिंग मिलती रहेगी।

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