वेदांता समूह ने कार्बन उत्सर्जन कम करने और ईएसजी सर्वोच्च प्रथाओं के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया

डाउजाॅन्स सस्टेनेबिलिटी रेंकिग में एषिया पेसिफिक में वेदंाता की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक पहले और वेदांता समूह दूसरे स्थान पर

उदयपुर। जलवायु सरंक्षण हेतु सेकण्ड इण्डिया सीईओ फोरम में कार्बन उत्सर्जन कम करने हेतु घोषणा पर विश्व की प्रमुख प्राकृतिक संसाधन कंपनी वेदांता ने हस्ताक्षर कर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
इसका उद्धेश्य विशिष्ट उत्सर्जन उपायों के माध्यम से देश को शून्य उत्सर्जन लक्ष्य की ओर अग्रसर करना है, जिसमें अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देना, ऊर्जा दक्षता, जल-कुशल प्रक्रिया, हरित गतिशीलता, योजनाबद्ध वनीकरण एवं अपशिष्ट प्रबंधन और पुनर्चक्रण शामिल है।
इस अवसर पर माननीय पर्यावरण मंत्री, वन और जलवायु परिवर्तन सूचना और प्रसारण – भारी उद्योग और सार्वजनिक उपक्रम, प्रकाश जावड़ेकर ने जलवायु परिवर्तन पर सीईओ फोरम को संबोधित किया।
वेदांता समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने कहा, कि “ हम कार्बन फुटप्रिन्ट को कम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं हमारी कंपनी पूर्णतया सरकार के साथ मिल कर शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के दिशा में सहयोग कर रही है। ‘जीरो हार्म, जीरो वेस्ट एंड जीरो डिस्चार्ज‘ वेदांता के मूल में है। हम निश्चित रूप से माननीय मंत्री द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं के अनुरूप अगले एक दशक में अपने परिचालन को काफी हद तक डी-कार्बोनाइज करने के लिए तत्पर हैं। मैं इस महत्वपूर्ण पहल के लिए भारत सरकार को बधाई देना चाहता हूं और देश को अपनी कार्बन प्रतिबद्धताओं को प्राप्त करने में मदद करने के लिए हमारे पूर्ण समर्थन का आश्वासन देता हूं।
वेदांता के इन-हाउस कार्बन फोरम और इनोवेशन सेल में विश्वस्तरीय विशेषज्ञ शामिल हैं जो ऐसे नवाचारों पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं जिनसे कंपनी को अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में सहायता मिलती हैं।
मार्च 2020 तक जिम्मेदारीपूर्ण खनन पर निरंतर ध्यान देने के साथ, कंपनी ने 2012 के बेसलाइन स्तर से ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को लगभग 14 प्रतिशत कम किया है, जो कि वातावरण से 9 मिलियन टन से अधिक कार्बनडाइआॅक्साइड कम करने में सहायक होगा। पिछले वर्ष 582 मिलियन यूनिट अक्षय ऊर्जा का उत्पादन किया एवं पिछले 3 वर्षों में 6 मिलियन गीगा जूल की ऊर्जा बचत हासिल की। ऊर्जा के संरक्षण के लिए 70 परियोजनाओं को विभिन्न स्थानों पर लागू किया गया है। 40 मेगा वाट सौर परियोजना स्थापित करने के अलावा, देश के 5 राज्यों में 274 मेगावाट की क्षमता वाले विंड फार्म स्थापित किए गए।
वेदांता के जीरो हार्म, जीरो वेस्ट एंड जीरो डिस्चार्ज ’के अपने मार्गदर्शक सिद्धांत के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता के साथ, कंपनी 88 प्रतिशत उच्च-मात्रा वाले कचरे के पुनर्चक्रण और 105 प्रतिशत फ्लाई ऐश उपयोग को प्राप्त करके परिपत्र अर्थव्यवस्था की अवधारणा को प्राप्त करने का प्रयास करती है।

Related posts:

JK Tyre further strengthens its OEM partnership with Hyundai Motor India

जिंक द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

वाडीलाल का इस वर्ष 800 करोड़ की आइसक्रीम बिक्री का लक्ष्य

उदयपुर में एचडीएफसी बैंक की नई शाखा का शुभारंभ

HDFC Bank Launches Pragati Savings Account for Semi-Urbanand Rural India

हिंदुस्तान जिंक की सखी पहल से सशक्त हो रही 25 हज़ार से अधिक ग्रामीण और आदिवासी महिलाएं

एचडीएफसी बैंक, भारतीय सेना और सीएससी अकादमी ने 26 नए स्थानों पर प्रोजेक्ट नमन का विस्तार किया

DHL Express announces annual price adjustments for 2021

Reserve Bank will extend its rate cuts: Sakshi Gupta

SS Innovations Unveils India’s First Mobile Tele-Surgical Unit, MantraM, at the Second Global SMRSC ...

India’s First Autonomous (Level 1) Premium SUV - MG GLOSTER launched

प्रतिष्ठित 28वें भामाशाह पुरस्कारों में हिंदुस्तान जिंक को 6 पुरस्कार