वेदांता द्वारा जयपुर के प्रतिष्ठित जयगढ़ किले मे जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल आयोजित

गायक-संगीतकार पापोन की प्रस्तुती और सखी रैंप वॉक रहा आकर्षण का केन्द्र
उदयपुर : विश्व की अग्रणी क्रिटिकल मिनरल्स, एनर्जी ट्रांजिशन मेटल्स, ऑयल एंड गैस, पावर और टेक्नोलॉजी कंपनी वेदांता लिमिटेड, ने जयपुर के प्रतिष्ठित जयगढ़ किले में जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल का दूसरा संस्करण प्रस्तुत किया। जयपुर राजघराने के सवाई पद्मनाभ सिंह के सहयोग से, यह दो दिवसीय उत्सव 6 और 7 दिसंबर को आयोजित किया गया। यह फेस्टिवल संगीत, शिल्प, लोक परंपराओं और कई अनुभवों के माध्यम से राजस्थान की सांस्कृतिक भव्यता को जीवंत कर विरासत और समकालीन रचनात्मकता का उत्सव बना।


दो दिवसीय जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल में, वेदांता राजस्थान के रचनात्मक समुदायों और कंपनी द्वारा समर्थित कलाकारों और शिल्पकारों के विरासत से जुड़े कौशल को प्रदर्शित कर विभिन्न अनुभव प्रदान किए। फेस्टिवल में आने वाले लोगों ने शिल्पकारों के स्पॉटलाइट में पारंपरिक कढ़ाई, पैचवर्क और शिल्प के साथ ही लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत खड़ताल, मंगणियार और लांगा प्रस्तुति का भी आनंद लिया। उठोरी स्ट्रीट प्ले ने समकालीन राजस्थान में महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों की कहानियों को जीवंत किया, जबकि वेदांता के कौशल-विकास और आजीविका कार्यक्रमों द्वारा समर्थित सखी माइक्रोएंटरप्राइजेज और जीजी बाई जैसे स्वयं सहायता समूह ने दर्शकों को राज्य की स्थायी शिल्पकला और परंपराओं की झलक से रूबरू किया। पहले दिन का मुख्य आकर्षण गायक-संगीतकार पापोन के प्रदर्शन से पहले हुआ सखी रैंप वॉक था, जिसमें उपाया विंटर कलेक्शन जिसमें समृद्ध अजरख ब्लॉक प्रिंट और सर्दियों के रंगों का मिश्रण को प्रस्तुत किया गया।


वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, एवं हिन्दुस्तान जिं़क लिमिटेड की चेयरपर्सन, प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने इस आयोजन के बारें में कहा कि, “राजस्थान हमेशा से वेदांता का घर रहा है, और यहां की संस्कृति हमें प्रेरित करती है। हमारा मानना है कि विरासत को संरक्षित करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि भविष्य के लिए निर्माण करना। जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल इसी भावना को खूबसूरती से दर्शाता है। यह शिल्प, संगीत और कहानी का जीवंत उत्सव है जो परंपरा का सम्मान करते हुए उसे जीवंत रखता है। हमें एक ऐसे मंच पर भागीदारी करने पर गर्व है जो पीढ़ियों को जोड़ता है और हमें याद दिलाता है कि संस्कृति वह नहीं है जो हमें विरासत में मिलती है, बल्कि वह है जिसे हम आगे बढ़ाते हैं।”
राजस्थान पिछले दो दशकों से वेदांता की विकास यात्रा का केंद्र रहा है। कंपनी ने 1 लाख करोड़ रूपयों से अधिक के निवेश के साथ राज्य के संसाधन-समृद्ध जिलों को पुनर्जीवित किया है। वेदांता की हिन्दुस्तान जिं़क लिमिटेड विश्व के सबसे बड़े एकीकृत जिंक उत्पादकों और शीर्ष वैश्विक चांदी उत्पादकों में से एक है। केयर्न ऑयल एंड गैस भारत की सबसे बड़ी निजी तेल और गैस उत्पादक है, जो देश के घरेलू कच्चे तेल में लगभग 25 प्रतिशत का योगदान करती है। इन उद्यमों ने बाड़मेर और चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित किया है और एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए हैं। जिससे राजस्थान मेटल्स, एनर्जी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है।
नई पीढ़ी के लिए कौन बनेगा मेटल, हेड? रहा आकर्षण :
इस वर्ष, वेदांता ने पहली बार एक इमर्सिव गेमिंग अनुभव ‘कौन बनेगा मेटल, हेड?’ भी शुरू किया। यह अनुभव लोगों को कंपनी द्वारा उत्पादित धातुओं और संसाधनों की दुनिया को समझने और यह जानने का अवसर देता है कि वे भारत की विकास यात्रा को कैसे आगे बढ़ाते हैं। इस इंटरैक्टिव जोन में एआर वीआर का उपयोग किया गया जिसके माध्यम से दर्शकों ने वेदांता, हिंदुस्तान जिंक की भूमिगत खानों का वर्चुअल दौरा किया। इसके द्वारा यह बताया गया कि किस प्रकार आवश्यक खनिज और ऊर्जा संसाधन आधुनिक जीवन को मजबूती देते हैं जैसे नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा में जिंक, सौर और इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी, गतिशीलता और उद्योग में तेल और गैस, तथा विमानन, रक्षा और परिवहन में एल्युमीनियम और तांबा महत्पपूर्ण है। छात्रों, परिवारों और हेरिटेज विजिटर्स सभी के लिए डिजाइन किया गया यह अनुभव राजस्थान के प्राकृतिक संसाधनों की कहानी को भारत की तकनीकी और आर्थिक प्रगति से जोड़ता है।
सामुदायिक और महिला सशक्तिकरण :
वेदांता की पहल औद्योगिक विकास से कहीं आगे बढ़कर राज्य के सामाजिक परिदृश्य को भी बदल रही है। कंपनी ने राजस्थान के 30 जिलों में 7,000 से अधिक आधुनिक आंगनवाड़ियों, नंद घर की स्थापना कर बाल विकास और महिला सशक्तिकरण को मजबूत किया है। सामुदायिक विकास में 2,500 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है। वेदांता ने महिला सशक्तिकरण के लिए नए रास्ते बनाए हैं, जिसमें भारत की पहली महिला अंडरग्राउंड माइनिंग इंजीनियरों को नियुक्त करने से लेकर देश की पहली महिला माइन रेस्क्यू टीम बनाने तक, वेदांता ने महिलाओं के लिए ऐसे रास्ते बनाए हैं जहाँ वे उन सेक्टर्स में लीड कर सकें जिन्हें कभी उनके लिए मुश्किल माना जाता था। अपने सभी बिजनेस में, कंपनी आज माइनिंग, मेटल्स और ऑयल एंड गैस में सबसे ज्यादा महिलाओं को रोजगार देती है। सखी और जीजी बाई जैसे कम्युनिटी एंटरप्राइज और सेल्फ-हेल्प ग्रुप के माध्यम से, वेदांता ने महिला कारीगरों को पारंपरिक कौशल को बढ़ाने, आजीविका तक पहुंचने और वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त करने में मदद की है।

जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल के अलावा, वेदांता प्रदेश में अन्य कई महत्वपूर्ण कल्चरल और स्पोर्ट्स इवेंट्स में प्रमुख भागीदार है, जिसमें जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, वेदांता पिंक सिटी हाफ मैराथन, उदयपुर में वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन और वेदांता उदयपुर म्यूजिक फेस्टिवल शामिल हैं। हेरिटेज, कम्युनिटी और इनोवेशन को एक मंच पर लाकर, वेदांता एक ऐसे भविष्य के अपने विजन को मजबूत करता है जहाँ राजस्थान भारत की कल्चरल राजधानी, आर्थिक पावरहाउस और मजबूत अवसरों का ग्लोबल प्रतीक बने, ऐसे भविष्य निर्माण पर कंपनी को गर्व है।

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