उदयपुर : दि इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया, उदयपुर लोकल सेंटर द्वारा ‘‘विद्युत सुरक्षा जागरूकता रोकथाम एवं संरक्षण’’ पर कार्यशाला आयोजित की गई। प्रारम्भ में संस्था के अध्यक्ष इंजी पुरुषोत्तम पालीवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत कर उपरोक्त विषय पर अपने विचार रखते हुए बताया कि विद्युत ऊर्जा आधुनिक जीवन का आधार है किंतु लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनती है उन्होंने कहा कि विद्युत सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि चंद सुरक्षा से जुड़ा सामाजिकता दायित्व है । इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया उदयपुर लोकल सेंटर के मानद सचिव इंजीनियर पीयूष जावेरिया ने बताया कि बिजली से जुड़ी सुरक्षा सिर्फ़ एक तकनीकी ज़रूरत नहीं है यह एक सामूहिक जिम्मेदारी है जो लोगों की जान संपत्ति और कार्यस्थलों की सुरक्षा करती है। जागरूकता सुरक्षा के नियमों का पालन और बचाव के उपायों को अपनाकर बिजली से होने वाली कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
मुख्य अतिथि इंजीनियर येवन्ती कुमार बोलिया अध्यक्ष नेशनल फेडरेशन ऑफ़ इंजीनियर्स फॉर इलेक्ट्रिकल सेफ्टी उदयपुर चैप्टर एवं पूर्व अध्यक्ष इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया उदयपुर लोकल सेंटर ने नेशनल फेडरेशन ऑफ़ इंजीनियर्स फॉर इलेक्ट्रिकल सेफ्टी के बारे में बताया कि नेशनल फेडरेशन ऑफ़ इंजीनियर्स फ़ॉर इलेक्ट्रिकल सेफ़्टी भारत में इंजीनियरों और इलेक्ट्रिकल सुरक्षा से जुड़े पेशेवरों का एक संगठन है। यह संगठन इलेक्ट्रिकल सुरक्षा को बढ़ावा देनेए दुर्घटनाओं को रोकने, सुरक्षित इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, रखरखाव के तरीकों और जन.जागरूकता के लिए काम करता है। यह फेडरेशन इंजीनियरों, निरीक्षकों सलाहकारों यूटिलिटी पेशेवरों, औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञों और इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़े अन्य लोगों को एक साथ लाता है।
मुख्य वक्ता इंजीनियर गौरांग शाह कार्यकारी सदस्य नेशनल फेडरेशन ऑफ इंजीनियर्स फॉर इलेक्ट्रिकल सेफ्टी उदयपुर चैप्टर और पूर्व एवीपी व ग्लोबल हेड सिक्योर मीटर्स उदयपुर ने इलेक्ट्रिकल सुरक्षा के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिकल सुरक्षा का मतलब खतरे या जोखिम से सुरक्षित रहना है और लोगों , संपत्ति और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए नियमों व्यवहारों और प्रोटोकॉल को लागू करना। कार्यस्थल पर बचाव के उपायों पर बात करते हुए उन्होंने बिजली के उपकरण इंस्टॉलेशन रखरखाव और कामगारों को ट्रेनिंग नियमित जांच पड़ताल सुरक्षा किट पर अपने विचार रखें। उन्होने इलेक्ट्रिक सुरक्षा के लिए बताया कि एक्सटेंशन बोर्ड से कोई भी ढीला तार न जोड़ें यह पक्का करें कि एक्सटेंशन बोर्ड में कम से कम ज़रूरी सुरक्षा सुविधाएं हों जैसे कि फ्यूज का इस्तेमाल करके ओवर करंट से सुरक्षा। कई आउटपुट वाले सॉकेट के साथ दूसरा एक्सटेंशन बोर्ड जोड़कर एक्सटेंशन बोर्ड पर ज़रूरत से ज़्यादा लोड न डालें। एक सॉकेट से कई आउटपुट लेने से बचें।सुनिश्चित करें कि सभी इलेक्ट्रिकल प्लग आईएसआई मार्क वाले हों।सुनिश्चित करें कि फ्लेक्सिबल सप्लाई कॉर्ड के अंदर के तार मुड़े हुए न हों। सुनिश्चित करें कि बाहरी आवरण कटे फटे न हों। सुरक्षा उपकरण पर चर्चा करते हुए बताया कि सही रेटिंग का एमसीबी (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) का इस्तेमाल करना चाहिए। एमसीबी का उपयोग ओवरलोड से सुरक्षा के लिए किया जाता है। करंट रेटिंग वाला आरसीडी (रेसिडुअल करंट डिवाइस) इस्तेमाल करना चाहिए। आरसीडी की कार्यप्रणाली की नियमित अंतराल पर जांच करनी चाहिए उन्होनें पीवी (सौर) मॉड्यूल पर अपने विचार रखते हुए बताया कि उन्होंने पीवी (सौर) मॉड्यूल पीवी (सौर) मॉड्यूल वोल्टेज उत्पन्न करते हैं: ग्रिड सप्लाई बंद होने पर भी सौर पैनल विद्युत वोल्टेज उत्पन्न करते रहते हैं आवासीय सौर प्रणालियों में वोल्टेज: लगभग 300–600 वोल्ट डीसी हो सकता है। उन्होंने बताया कि डीसी (DC) अधिक खतरनाक होता है डीसी धारा में मांसपेशियाँ सिकुड़ जाती हैं, जिससे व्यक्ति का हाथ तार से छूट नहीं पाता है उन्होंने शॉर्ट सर्किट से बचने के उपाय और तार खराब होने के शुरुआती संकेत को रेखांकित करते हुए एमसीबी लगाने पर जोर जिया ताकि ओवरलोड या शॉर्ट सर्किट होने पर मिनिएचर सर्किट ब्रेकर अपने आप ट्रिप हो जाता है । RCCB / ELCB लगाएं जो रेसिडुअल करंट सर्किट ब्रेकर (RCCB) करंट के मामूली रिसाव का पता लगाते हैं और जानलेवा झटकों से बचाते हैं।
एक ही वॉल आउटलेट में कई मल्टी-प्लग अडैप्टर या एक्सटेंशन स्ट्रिप कभी न लगाएं।साथ ही
एम्परेज का ध्यान रखें: भारी उपकरणों (जैसे AC, गीज़र) को केवल उनके लिए बने 16A सॉकेट में ही लगाएं। सर्टिफाइड तार खरीदें: फ्लेम रिटार्डेंट (FR) या लो स्मोक ज़ीरो हैलोजन (LSZH) वाले तारों का इस्तेमाल करें।उन्हानें बताया कि बड़ा उपकरण चालू करने पर लाइट का टिमटिमाने स्विच से भिनभिनाने या चटकने की आवाज़ आने प्लास्टिक के जलने की गंध आने या दीवार पर लगी प्लेट का गर्म होने पर तुरंत ध्यान देना चाहिए । संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन मानद सचिव इंजी पीयूष जावेरया ने किया।

