जिंक फुटबॉल अकादमी के राजरूप सरकार ने भारत के एएफसी अंडर-17 एशियाई कप 2026 के क्वालीफाइंग में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

उदयपुर : हिंदुस्तान जिंक की प्रमुख सामाजिक प्रभाव पहल जिंक फुटबॉल अकादमी के खिलाड़ी, मात्र 16 वर्षीय गोलकीपर राजरूप सरकार ने भारत की अंडर-17 राष्ट्रीय टीम को एएफसी अंडर-17 एशियन कप 2026 के लिए क्वालीफाई कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत ने अहमदाबाद में ईरान पर 2-1 की शानदार जीत के साथ एशियन चैम्पियनशिप में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया।

राजरूप ने भारत के सभी ग्रुप मैचों में शुरुआत की और अपने संयम, तेज़ रिफ़्लेक्स और असाधारण शॉट-स्टॉपिंग क्षमता से पूरे क्वालीफ़ायर में शानदार प्रदर्शन किया। ईरान, लेबनान, फ़िलिस्तीन और चाईनीज ताइपे के ख़िलाफ़ दबाव भरे क्षणों में उनका योगदान महत्वपूर्ण साबित हुआ, जिससे भारत ने एशिया की प्रमुख युवा प्रतियोगिता में अपनी जगह पक्की की।

ज़िंक फुटबॉल अकादमी से निकले राजरूप, ज़ावर स्थित आवासीय कार्यक्रम में छोटी उम्र में शामिल हुए और तेज़ी से आगे बढ़े। अकादमी की विश्वस्तरीय कोचिंग, शैक्षिक सहायता और तकनीकी प्रशिक्षण मॉडल के तहत, वह देश के सबसे होनहार युवा गोलकीपरों में से एक बन गए हैं। 2024-25 एआईएफएफ अंडर-17 यूथ लीग में उनके प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय टीम के शिविर में शामिल होने का मौका दिलाया। उन्होंने कड़ी मेहनत की और अब उच्चतम स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अपना सपना पूरा कर लिया है।

एशिया के सबसे बड़े युवा टूर्नामेंटों में से एक एएफसी अंडर-17 एशियन कप, राजरूप और भारतीय टीम को 2026 में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा। उनकी यात्रा जिंक फुटबॉल अकादमी के कार्य को दर्शाता है कि किस तरह से अकादमी ने लगातार देश को बेहतरीन खिलाड़ी देने का काम किया है।

वर्ष 2018 में अपनी स्थापना के बाद से जिंक फुटबॉल अकादमी ने लगातार भारत की विभिन्न आयु-वर्ग की टीमों के लिए खिलाड़ी तैयार किए हैं और देश के टैलेंट पूल को मज़बूत किया है। साहिल पूनिया, मोहम्मद कैफ और प्रेम हंसदक के पहले ही राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के बाद, राजरूप की सफलता भारतीय फुटबॉल की विकास गाथा में सार्थक योगदान देने की अकादमी की निरंतर प्रतिबद्धता में एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है।

वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान ज़िंक, खेलों से जुड़ी हुई है और लगभग चार दशकों से खेल जगत की हस्तियों को प्रोत्साहित कर रही है। कंपनी ने 1976 में राजस्थान के ज़ावर में अपना फुटबॉल स्टेडियम बनाया था। पिछले 40 वर्षों से ज़ावर स्टेडियम में हर साल राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजित किए जाते रहे हैं। कंपनी ने अतीत में कई ऐसे एथलीटों को भी सहयोग दिया है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। फुटबॉल के अलावा, हिंदुस्तान ज़िंक एथलेटिक्स, कबड्डी और वॉलीबॉल में भी प्रतिभाओं को निखारता है और जमीनी स्तर पर विकास के लिए सुव्यवस्थित रास्ते तैयार करता है। इसका प्रमुख आयोजन, वेदांता ज़िंक सिटी हाफ मैराथन, जिसे भारत की सबसे खूबसूरत मैराथन के रूप में जाना जाता है, ने उदयपुर को वैश्विक दौड़ के नक्शे पर ला खड़ा किया है और पर्यटन तथा फिटनेस की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। इन पहलों के माध्यम से हिंदुस्तान ज़िंक ने लगभग 30,000 लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है और सशक्तिकरण एवं सामाजिक परिवर्तन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मज़बूत किया है।

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