हिन्दुस्तान जिंक को तीसरी तिमाही में 1,620 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ, तिमाही के दौरान धातु एवं चांदी का रिकाॅर्ड उत्पादन

तीसरी तिमाही के मुख्य आकर्षण
– 2,288 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए जो पिछली तिमाही की तुलना में 8ः अधिक है।
– वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में 235,000 टन खनित धातु उत्पादन हुआ जो कि पिछली तिमाही की तुलना में 7 प्रतिषत अधिक है
– वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में 219,000 टन रिकाॅर्ड रिफाइन्ड धातु का उत्पादन जो पिछली तिमाही की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक है।
– वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में 149 मैट्रीक टन रिकाॅर्ड रिफाइन्ड चांदी का उत्पादन जो पिछली तिमाही की तुलना में 11ः अधिक है।

उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक लि. ने सोमवार को आयोजित निदेशक मण्डल की बैठक में 31 दिसम्बर 2019 को समाप्त तीसरी तिमाही व नौःमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की। हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने कहा कि हमने चुनौतियों के बावजूद बाजार वातावरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन दिया है और विकास की गति को बनाए रखने के लिए हम प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य उद्योग के नेतृत्व को बनाए रखने तथा अपने शेयरधारियों को बेहतर रिटर्न प्रदान करने के लिए सस्टेनेबिलिटी, दक्षता, टेक्नोलाॅजी और डिजिटलीकरण के मूल सिद्वान्तों पर केन्द्रित है।

जिंक के मुख्य वित्तीय अधिकारी स्वयं सौरभ ने कहा कि हमारा लक्ष्य परिचालन क्षमता और उच्च उत्पादकता द्वारा लागत नेतृत्व को बनाए रखना है। आधुनिक टेक्नोलाॅजी अपनाने एवं डिजिटल परिवर्तन से हमारी प्रमुख परियोजनाएं के पूरा होने में सहयोग रहा है।
तिमाही के दौरान खनित धातु का उत्पादन 235,000 टन हुआ है जो पिछली तिमाही की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है जो उच्च अयस्क उत्पादन और बेहतर समग्र ग्रेड के परिणामस्वरूप हुआ।

तीसरी तिमाही में एकीकृत धातु का उत्पादन 219,000 टन हुआ है जो पिछली तिमाही की तुलना में 4 प्रतिषत अधिक है। जस्ता का उत्पादन 178,000 टन हुआ है जो पिछली तिमाही की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है जबकि तिमाही के दौरान सीसा धातु का उत्पादन 41000 टन हुआ है। तिमाही के दौरान एकीकृत जस्ता के उत्पादन में उच्च खनित धातु उपलब्धता के अनुरूप वृद्धि हुई है। तिमाही के दौरान एकीकृत चांदी का उत्पादन 149 मैट्रीक टन हुआ है जो 11 प्रतिशत अधिक है जो कि सिन्देसर खुर्द खदान में उच्चतर चांदी की ग्रेड होने के कारण संभव हुआ है।

कंपनी ने तीसरी तिमाही के दौरान 4,672 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है तथा तिमाही के दौरान 2,288 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए रहा है जो पिछली तिमाही की तुलना में 8 प्रतिषत अधिक है। कंपनी ने तीसरी तिमाही के दौरान 1,620 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वर्तमान में चल रही खनन विस्तार का कार्य अंतिम चरण में है साथ ही 1.2 मिलियन मैट्रीक टन की वार्षिक क्षमता प्राप्त करने की ओर अग्रसर है।

रामपुरा-आगुचा में भूमिगत खदान में शाफ्ट को कमीशन किया गया है और शाफ्ट से अयस्क की ढुलाई का कार्य फरवरी 2020 में प्रारंभ होने की संभावना है। इससे रामपुरा-आगुचा भूमिगत खदान में 4.5 मिलियन टन उत्पादन प्राप्त हो सकेगा। जावर में, दो बैकफिल प्लांट चालू है तथा फरवरी 2020 में बैकफिल की शुरूआत होने की संभावना है। चंदरिया में फ्यूमर प्रोजेक्ट का कार्य प्रगति पर है और फरवरी 2020 तक धातु का उत्पादन होने की संभावना है।

Related posts:

ठाकूर ग्लोबल बिज़नेस स्कूल की ओर से पीजीडीएम कार्यक्रम के लिए आवेदनों की मांग

कोटक म्यूचुअल फंड का नया प्रचार अभियान मिस्टर एसआईपी

एक फीडिंग बोतल को तोड़ो, एक जिंदगी को जोड़ो : डॉ देवेंद्र सरीन

अपनी दरों में फिलहाल कटौती शुरू नहीं करेगा रिज़र्व बैंक : बरूआ

तेरापंथ के अष्टमाचार्य कालुगणि के 87वें महाप्रयाण दिवस पर मासखमण तपस्वी सहित 41 तपस्वियों का अभिनंदन

जिंक का ‘‘कोई बच्चा रहे ना भूखा‘ अभियान साबित हो रहा वरदान

म्यूजिकल सिंफनी ने नए अंदाज में बांधा समां

यशोदा देवी प्रथम विधानसभा की प्रथम महिला विधायक

Discover Lollapalooza India 2026 with exclusive Airbnb Experiences

ब्लॉकचैन अकाउंटिंग पर कार्यशाला आयोजित

नारायण सेवा संस्थान में 501 कन्याओं का भव्य महापूजन मंगलवार को

एचडीएफसी बैंक ग्लोबल प्राइवेट बैंकिंग अवाड्र्स 2023 में दो पुरस्कारों से सम्मानित