वंचित वर्ग के 26 बच्चों के 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 100 प्रतिशत अंक

  • ये विद्यार्थी हिन्दुस्तान जि़ंक की ’’ऊंची उड़ान’’ प्रोजेक्ट के तहत आईआईटी-जेईई के लिए कोचिंग में तैयारी कर रहे हैं

उदयपुर। वेदांता ग्रुप की कंपनी हिन्दुस्तान जि़ंक ने वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शुरु की गए ’ऊंची उड़ान’ प्रोजेक्ट के दूसरे समूह के बच्चों ने 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 100 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया है तथा उन्होंने हिंदी, अंग्रेज़ी, फिजि़क्स, कैमिस्ट्री व गणित विषयों में कुल 100 डिस्टिंक्शन हासिल की हैं। राजस्थान के सुदूर ग्रामीण इलाकों से आने वाले इन प्रतिभावान विद्यार्थियों का लक्ष्य अब आईआईटी- जेईई की परीक्षा उत्तीर्ण करना है, जिसके लिए ये विद्यार्थी हिन्दुस्तान जि़ंक के सहयोग से उदयपुर जिले में कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं।

जि़ंक के डिप्टी सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि ’इन विद्यार्थियों की सफलता हमेशा बहुत खास रही है क्योंकि इन्होंने हर विपरीत स्थिति से मुकाबला करते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। इनकी कामयाबी हमारे इस विश्वास को पुख्ता करती है कि उत्तम शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करके ग्रामीण भारत में बदलाव लाए जा सकते हैं। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए मैं इन विद्यार्थियों को बधाई देता हूं और समाज के लोगों को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने हमारे कार्यक्रमों को निरंतर समर्थन दिया। मैं शिक्षकों का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जो इन विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने में बहुत ही बढि़या काम कर रहे हैं ताकि वे भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक आईआईटी-जेईई में उत्तीण हो सकें। ये सम्माननीय शिक्षणगण इन बच्चों के सपनों व उनके लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

हिन्दुस्तान जिंक का ’ऊंची उड़ान’ एक शैक्षणिक उत्कृष्टता कार्यक्रम है जिसका लक्ष्य है कंपनी के परिचालन क्षेत्र में आने वाले सरकारी स्कूलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों की पहचान करना और उन्हें आईआईटी व अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश हेतु संरक्षण देना। कंपनी हर वर्ष ग्रामीण इलाकों से कड़ी चयन प्रक्रिया द्वारा 25-30 विद्यार्थियों का चयन करती है। यह चयन राजस्थान के 6 जिलों-उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, अजमेर तथा उत्तराखंड के पंतनगर से किया जाता है। इन बच्चों को आईआईटी और अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए निशुल्क कोचिंग दी जाती है। वर्तमान में इस प्रोजेक्ट में कक्षा 9 से 12 के 123 बच्चे (समूह 2 से समूह 5) शामिल हैं। हर साल एक समूह जेईई परीक्षा में बैठता है। 9वीं कक्षा से ही बच्चों की शुरुआत करा देने पर उन्हें कड़े प्रशिक्षण के लिए चार वर्ष मिल जाते हैं।

इस प्रोजेक्ट के तहत विद्यार्थियों के चयनित समूह को रिहाइशी और गैर-रिहाइशी स्कूलिंग व कोचिंग सपोर्ट दिया जाता है। कंपनी रेसोनेंस ऐजुवेंचर्स प्रा.लि. और विद्या भवन, उदयपुर के सहयोग से यह कार्य कर रही है। रेजोनेंस ऐजुवेंचर्स प्रा.लि. इन विद्यार्थियों को आईआईटी प्रवेश परीक्षा के लिए कोचिंग देती है और विद्या भवन द्वारा स्कूलिंग, बोर्डिंग व लॉजिंग सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।

Related posts:

रेडक्लिफ लैब्स ने उदयपुर में सैटेलाइट लैब शुरू की
स्पाइन सर्जरी कर दी मरीज को राहत
शिक्षा ऐसी हो जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए- राज्यपाल
जैन धर्म में ज्योतिष एवं वास्तु विज्ञान के महत्व पर कार्यशाला आयोजित
हनुमानजी को धरायी आकर्षक आंगी
सखियों की बनाई ईकोफ्रेण्डली राखी से सजेगी भाईयों की कलाई
स्पाईनल कॉर्ड इन्जरी पर वेबीनार
सहारा मामले में नेटफ्लिक्स को राहत नहीं : पटना उच्च न्यायालय ने नेटफ्लिक्स को वापस सिविल न्यायालय, अ...
IIFL Foundation celebrates Anand Utsav with 36,000 girl students, 1100 teachers
उदयपुर में बुधवार को मिले 6 कोरोना संक्रमित
ZINC FOOTBALL ACADEMY GOALKEEPER SAHIL POONIA CALLED UP FOR INDIA UNDER-16 NATIONAL TEAM CAMP
मोटोरोला ने लॉन्च किया रेज़र 50 अल्ट्रा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *