साहित्य अकादमियों में वंचित वर्ग का बनाया जाए अध्यक्ष: डॉ. सहारण

मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया कि इतिहास में आज तक इस वर्ग से नहीं बना है अध्यक्ष
चूरू।
राजस्थान सरकार के अधीन आने वाली लगभग दस अकादमियां नई सरकार के आने के बाद से अपने अध्यक्षों का इंतजार कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि इन अकादमियों में नई सरकार ने आते ही पहले से काम कर रहे अध्यक्षों को तुरंत प्रभाव से हटा दिया था तथा बाद में वहां आईएएस प्रशासक लगााए गए थे। जो कोई भी नीतिगत निर्णय नहीं ले सकते और अकादमियां ठप हैं।
राजस्थान साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. दुलाराम सहारण ने राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं विभाग की मंत्री दीया कुमारी को पत्र लिखकर मांग की है कि जिस शीघ्रता से सरकार ने आते ही पहले से अच्छे ढंग से काम कर रहे अध्यक्षों को हटाया उसी शीघ्रता से अध्यक्ष बनाने में सरकार से जो चूक हुई है, उसे सुधारते हुए अब इन अकादमियों को तुंरत अध्यक्ष सौंपे जाएं।
सहारण ने अकादमियों के अध्यक्षों की सूची संलग्न करते हुए मुख्यमंत्री से मांग की है कि सत्तर साल के लगभग के इतिहास में वे किसान वर्ग से बने पहले अध्यक्ष थे, परंतु आज दिनांक तक अनुसूचित जाति एवं आदिवासी वर्ग से कोई भी अध्यक्ष इन अकादमियों में नहीं बनाया गया है, इसीलिए इन वर्गों से सरकार नए अध्यक्ष बनाए। सहारण ने मांग की है कि इन वर्गों से अध्यक्ष बनने से सामाजिक न्याय के सिद्धांत की अवधारणा को बल मिलेगा और सामान्य वर्ग के आने वाले मुख्यमंत्री की साख में वृद्धि भी होगी। वहीं तुरंत नियुक्ति से ठप पड़ी अकादमियां पुनर्जीवित होंगी।

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