मनस्वी अग्रवाल ने अंटार्कटिका के सबसे उंचे पर्वत शिखर को किया फतह

उदयपुर । मनस्वी अग्रवाल ने अंटार्कटिका महाद्वीप के सबसे उंचे पर्वत शिखर विंसन मैसिफ पर 12 दिसम्बर को भारतीय ध्वज फहराया। इस पर्वत की उंचाई समुद्र तल से लगभग 5000 मीटर है। अंटार्कटिका महाद्वीप के इस पर्वत पर पहुंचने वाली पहली राजस्थानी व्यक्ति है। यह पर्वत शिखर पृथ्वी के अन्तिम छोर पर स्थित होने के कारण सम्पूर्ण रूप से बर्फ से ढका हुआ है। हजारों किलोमीटर तक कोई मानव आबादी नहीं है एवं तापमान माइनस 60 डिग्री तक रहता है। अभी तक भारतवर्ष से 10 से भी कम व्यक्ति इस पर्वत शिखर पर पहुंच पाए हैं।
मनस्वी अग्रवाल ने इससे पूर्व पर्वतरोहण में कठिन प्रशिक्षण प्राप्त है। मनस्वी ने माउंटनीरिंग इंस्टीट्यूट दिरांग, अरूणाचल प्रदेश एवं हिमालयन माउंटनीरिंग दार्जिलिंग, वेस्ट बंगाल से मूलभूत एवं एडवांस प्रशिक्षण सफलतापूर्वक प्राप्त किया है। प्रशिक्षण में लगभग एक माह तक साढे छः हजार मीटर उंची बर्फ की चोटियों पर रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करना होता है। उक्त दोनों प्रशिक्षण संस्थान भारतीय सेना द्वारा संचालित किये जाते हैं। इसके अतिरिक्त गुजरात सरकार द्वारा संचालित स्वामी विवेकानन्द रॉक क्लाईंबिंग संस्थान से भी गहन प्रशिक्षण प्राप्त कर इस विषय की प्रमाणित प्रशिक्षक हैं।
मनस्वी अग्रवाल ने इससे पूर्व इसी वर्ष यूरोपीय महाद्वाप के सबसे उंचे शिखर एलब्रस एवं अफ्रीकी महाद्वीप के सबसे उंचे शिखर किलीमंजारों को भी सफलता पूर्वक फतह किया है। मनस्वी आगामी वर्ष में विश्व के सभी सातों महाद्वीपों के शिखर पर जाने का लक्ष्य तय किया है।
मनस्वी अग्रवाल ने पूर्व 10 मीटर राईफल शूटिंग में प्रख्यात नेशनल शूटर का स्थान हासिल किया है एवं भारतीय टीम के चयन के चार राउण्ड तक भी गई हैं। शिक्षा एवं खेल दोनों में एक साथ अनुकरणीय ताल-मेल बैठाती है। मनस्वी ने गुजरात नेशनल लॉ यूनिर्वर्सिटी गांधीनगर गुजरात से पांच वर्षीय कानून का अध्ययन करने के उपरान्त स्नातकोत्तर अपाधि भी प्राप्त की है। एवं पर्यावरणीय कानून पर शोध कर रही है तथा हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा आयोजित सहायक आचार्य हेतु योग्यता परीक्षा को 99.2 पर्सेन्टाइल के साथ उत्तीर्ण किया है। वर्तमान में स्थानीय प्रतिष्ठित सिंघानिया लॉ कॉलेज में सहायक आचार्य के रूप में अध्यापन करा रही है।

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