“पाइथन प्रोग्रामिंग ट्रेनिंग एवं प्रोजेक्ट निर्माण” विषयक 10 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

उदयपुर : जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के संघटक विभाग डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में कुलपति प्रो. एस. एस. सारंगदेवोत के निर्देशन में “पाइथन प्रोग्रामिंग ट्रेनिंग एवं प्रोजेक्ट निर्माण” विषय पर 10 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी के अनुरूप तकनीकी दक्षता प्रदान करना तथा उन्हें व्यावहारिक रूप से सक्षम बनाना है, ताकि वे उद्योगों की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं को पूर्ण कर सकें।
विभाग की निदेशक प्रो. मंजू माण्डोत ने बताया कि आज का युग डिजिटल एवं तकनीकी प्रगति का युग है, जिसमें प्रोग्रामिंग स्किल्स का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि पाइथन प्रोग्रामिंग अपनी सरलता, बहुपयोगिता एवं व्यापक उपयोग के कारण विश्वभर में अत्यंत लोकप्रिय हो चुकी है। इस कार्यशाला के माध्यम से विभाग के बीसीए, एमसीए, एमएससी, पीजीडीसीए में अध्यनरत विद्यार्थियों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा, बल्कि उन्हें प्रायोगिक प्रशिक्षण, लाइव प्रोजेक्ट्स एवं इंडस्ट्री-ओरिएंटेड टास्क के माध्यम से वास्तविक अनुभव भी प्राप्त होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया।
मुख्य वक्ता इलेक्ट्रोनिक्स एंड आईसीटी अकैडमी, आईआईटी कानपूर के तकनिकी प्रशिक्षक श्री संदीप शर्मा ने अपने संबोधन में पाइथन प्रोग्रामिंग की मूलभूत अवधारणाओं से लेकर उन्नत तकनीकों तक विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में पाइथन का उपयोग डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वेब डेवलपमेंट, साइबर सिक्योरिटी, ऑटोमेशन एवं वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने सत्र के दौरान एक लाइव डेमो प्रस्तुत करते हुए यह दर्शाया कि कैसे पाइथन के माध्यम से जटिल समस्याओं का समाधान सरल एवं प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रोजेक्ट्स जैसे वेब एप्लिकेशन निर्माण, डेटा एनालिसिस, एवं छोटे-छोटे ऑटोमेशन टूल्स तैयार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में पाइथन प्रोग्रामिंग का ज्ञान प्रत्येक तकनीकी विद्यार्थी के लिए अनिवार्य हो जाएगा।
इस 10 दिवसीय कार्यशाला के अंतर्गत विद्यार्थियों को क्रमबद्ध रूप से बेसिक प्रोग्रामिंग कॉन्सेप्ट्स, डेटा टाइप्स, कंट्रोल स्ट्रक्चर, फंक्शन्स, फाइल हैंडलिंग, मॉड्यूल्स एवं लाइब्रेरीज़ के साथ-साथ एडवांस टॉपिक्स जैसे डेटा एनालिटिक्स, जीयुआई डेवलपमेंट एवं प्रोजेक्ट डिजाइनिंग की जानकारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्रतिभागी को एक मिनी प्रोजेक्ट एवं एक मेजर प्रोजेक्ट पर कार्य करने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी व्यावहारिक समझ और अधिक सुदृढ़ हो सके।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. भरत सुखवाल ने जबकि धन्यवाद मानसी नागर ने दिया। इस अवसर पर विभाग के संकाय सदस्य मुकेश नाथ, दुर्गाशंकर, त्रिभुवनसिंह बमनिया सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने कार्यशाला के सफल आयोजन हेतु सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकी प्रवृत्तियों, स्टार्टअप कल्चर, फ्रीलांसिंग अवसरों एवं उद्योगों में पाइथन के बढ़ते उपयोग के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी जा रही है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, तकनीकी दक्षता एवं रोजगार संभावनाओं को बढ़ाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।
अंत में विभाग द्वारा यह विश्वास व्यक्त किया गया कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक सिद्ध होगी, बल्कि उन्हें भविष्य में सफल करियर निर्माण के लिए भी प्रेरित करेगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभाग के सभी संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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