चित्तौड़गढ़ (मुकेश मूंदड़ा )। सैनिक स्कूल में आयोजित अखिल भारतीय आईपीएससी फुटबॉल टूर्नामेंट अंडर-14 बालक वर्ग का शुक्रवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में भव्य समापन हुआ। प्रतियोगिता का आयोजन स्कूल प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया, उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल पारुल श्रीवास्तव एवं प्रशासनिक अधिकारी मेजर सी श्रीकुमार के निर्देशन में किया गया। तीन दिवसीय इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आये प्रतिभाशाली छात्रों ने खेल कौशल, अनुशासन एवं खेल भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि विधायक चंद्रभान सिंह आक्या रहें। प्राचार्य कर्नल जसरोटिया, उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीवास्तव, प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रतियोगिता के संयोजक चंद्रप्रकाश गोयल ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि प्रतियोगिता में देश के प्रतिष्ठित विद्यालयों की कुल 14 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान सभी टीमों के बीच बेहद रोमांचक मुकाबले हुए, जिनमें खिलाड़ियों ने अनुशासन, समर्पण और खेल भावना का परिचय दिया। प्रतियोगिता में मेजबान सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ ने प्रतिष्ठित सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। 65वां सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट अगस्त-सितंबर माह में आयोजित होगा। यह उपलब्धि विद्यालय चित्तौड़गढ़ जिले एवं राजस्थान के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है। टीम ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन तालमेल, आक्रामक खेल और मजबूत रक्षा पंक्ति का प्रदर्शन किया। ताशी नामग्याल अकादमी गंगटोक की टीम उपविजेता रही, जबकि मॉडर्न स्कूल नई दिल्ली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। व्यक्तिगत प्रदर्शन में सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ के कैडेट रविन्द्र को उनके शानदार खेल प्रदर्शन के लिए बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट घोषित किया गया। वहीं डीपीस आर के पुरम नई दिल्ली के हर्ष उप्पल को उत्कृष्ट गोलकीपिंग के लिए बेस्ट गोलकीपर पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रतियोगिता में बेस्ट डिफेंडर ताशी नामग्याल अकादमी गंगटोक का रीयोंग रहा। मुख्य अतिथि विधायक आक्या ने अपने संबोधन में खिलाड़ियों के उत्साह, अनुशासन और खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि देशभर की 14 प्रतिष्ठित विद्यालयी टीमों ने इस प्रतियोगिता में भाग लेकर खेल भावना, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया। मैदान में खिलाड़ियों ने जिस उत्साह, आत्मविश्वास और टीम भावना के साथ खेला, वह वास्तव में प्रेरणादायक है। उन्होंने सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ की टीम को इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का चैंपियन बनने पर हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह जीत केवल एक ट्रॉफी की जीत नहीं है, बल्कि कठोर परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। मुख्य अतिथि ने कहा कि खेल केवल शरीर को मजबूत नहीं बनाते, बल्कि नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, धैर्य और टीमवर्क की भावना भी विकसित करते हैं। आज के युवा खिलाड़ी ही कल देश का भविष्य हैं। विश्वास है कि यहां से निकलने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपने विद्यालय, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। प्रतियोगिता में आईपीएससी ऑब्जर्वर राजेश ओझा एवं रेफरी का दायित्व लोकेश बुनकर, मोहम्मद शकील, शंकरलाल खटीक, सुरेश चन्द्र नायक, नरेश सुयल, सुरज मीणा, जगदीश समदानी, मनोहरलाल कुमावत, सोहनलाल मेघवाल, राधेश्याम तेली, कमलेश जाट, मोहित दिवान, रिजवान, अरशद एवं प्रदीप ने निभाया। सीएचएम मुनबुल नरजरी एवं पीटीआई हवलदार एम नवीन कुमार ने सह संयोजक के रूप में प्रतियोगिता का सफल संचालन किया। समारोह के अंत में मुख्य अतिथि ने विजेता टीम सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ को चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की। इस अवसर पर नवीन पटवारी, शैलेन्द्र झंवर, ओम शर्मा, डॉ के एस कंग, शरद गंगवार, अरुण शर्मा एवं समस्त स्टाफ उपस्थित था।

