श्रीराम ने नौ दिनों तक मां की उपासना कर विजय पाई: प्रशांत अग्रवाल

उदयपुर। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर नारायण सेवा संस्थान के सेवातीर्थ स्थित वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा एवं ‘अपनों से अपनी बात’ कार्यक्रम में संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने भक्ति, करुणा और मानव सेवा का संदेश दिया। कथा में मां स्कंदमाता की आराधना, मां षष्ठी की महिमा और भगवान श्रीराम की शक्ति उपासना के प्रसंग सुनाए गए।

राजा प्रियव्रत और रानी मालिनी के प्रसंग में मां षष्ठी की कृपा का वर्णन किया गया। संतान प्राप्ति के लिए राजा ने महर्षि कश्यप के मार्गदर्शन में पुत्रेष्टि यज्ञ कराया। रानी ने पुत्र को जन्म दिया, लेकिन नवजात में कोई हलचल नहीं हुई। शोकाकुल राजा बालक को लेकर श्मशान पहुंचे, जहां मां षष्ठी प्रकट हुईं और बालक को जीवनदान दिया। देवी ने नवजात के जन्म के छठे दिन अपनी पूजा का विधान बताया।

 अग्रवाल ने कहा कि बच्चों के प्रति ममता, देखभाल और संवेदनशीलता ही सच्ची सेवा का आधार है। दिव्यांग बच्चों और जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना समाज का दायित्व है।

भगवान श्रीराम की शक्ति उपासना के प्रसंग में बताया गया कि माता सीता की खोज और रावण से युद्ध की चुनौती के बीच देवर्षि नारद ने उन्हें मां भगवती की आराधना की प्रेरणा दी। श्रीराम ने नौ दिनों तक तप और उपासना की। मां भगवती ने प्रसन्न होकर उन्हें विजय का आशीर्वाद दिया।

कथा के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता, दिव्यांगों को उपचार, कृत्रिम अंग और बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने का संदेश दिया गया।