स्वस्थ रहने का मूल मन्त्र आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारे : डॉ औदीच्य

आदर्श औषधालय सिन्धी बाज़ार में भगवान धन्वंतरि जयंती मनाई
उदयपुर।
भगवान धन्वंतरि जयंती के पावन अवसर पर शुक्रवार को राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय, सिंधी बाजार, उदयपुर में धन्वंतरि जयंती समारोह बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में भगवान धन्वंतरि का विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन कर सर्वजन के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं निरोगी जीवन की मंगलकामना की गई।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय पार्षद कुलदीप मेहता एवं पूर्व पार्षद डॉ. शिल्पा पामेचा ने विशेष रूप से उपस्थिति दी। अतिथियों ने भगवान धन्वंतरि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की तथा आयुर्वेद की प्राचीन एवं गौरवशाली चिकित्सा परंपरा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
औषधालय के प्रभारी वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. शोभालाल औदीच्य ने भगवान धन्वंतरि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद एवं चिकित्सा का आराध्य देव माना जाता है। आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जो व्यक्ति को स्वस्थ जीवन जीने की कला सिखाती है। आयुर्वेद का उद्देश्य केवल रोगों का उपचार करना ही नहीं, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना भी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, खानपान की अनियमितता एवं मानसिक तनाव के कारण अनेक स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में आयुर्वेद के सिद्धांतों, दिनचर्या, ऋतुचर्या, संतुलित आहार एवं नियमित योग को अपनाकर स्वस्थ जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है। उन्होंने आमजन से आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को अपनी जीवनशैली में शामिल करने तथा औषधालय में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का लाभ लेने का आह्वान किया।
समारोह में आयुर्वेद के माध्यम से जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाने, समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने तथा आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में डॉ. मोनिका सिंह, मनीष गौड, टीना गौड, कमल पोरवाल, दिनेश पोरवाल, दीपक पामेचा, महेश, मोहम्मद इब्राहीम, पिंकी शर्मा, राजकुमार, इंदिरा डामोर, कंचन कुमार डामोर, हिना रानी पाल, गजेंद्र कुमार आमेटा, राजेंद्र पटेल एवं सहित औषधालय के चिकित्सकीय एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।