स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सिम्स की अनूठी उपलब्धि

उदयपुर (Udaipur)। अहमदाबाद भारत में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बेहतर स्थान के रूप में उभरा है। मुंबई के एक वरिष्ठ नागरिक को सिम्स अस्पताल (CIMS HOSPITAL) में उमदा उपचार मिला और वे अब संपूर्ण स्वस्थ है। मुंबई निवासी 66 वर्षीय चंद्रकांत पटेल मार्च के मध्य में अपनी पत्नी, बेटे और दोस्तों के साथ नैनीताल में छुट्टी मनाने गए थे। अचानक तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई होने के बाद वे गंभीर रूप से बीमार हो गए। 21 मार्च को उन्हें हल्द्वानी के पास एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था और एक दिन बाद उनका कोविड -19 परीक्षण पॉजिटिव आया था। वे 12 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
चंद्रकांत पटेल के बेटे अर्जुन ने कहा कि अस्पताल में कई दिन बिताने के बावजूद उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर हम उन्हें सिम्स अस्पताल अहमदाबाद लाए। एयर चार्टर सर्विस कंपनी एयरोट्रांस सर्विस के जरिए उन्हें पंतनगर से अहमदाबाद स्थानांतरित किया गया। सिम्स में उपचार के शुरुआती दिनों में उन्हें गंभीर श्वसन संकट, फेफड़ों में 90 प्रतिषत तक संक्रमण, 80 प्रतिषत ऑक्सीजन संतृप्ति स्तर और अन्य समस्याएं दिखाई दी थी।
सिम्स में क्रिटिकल केयर मेडिसिन के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. भाग्येश शाह (Dr. Bhagyesh Shah) ने कहा कि जब मरीज को सिम्स कोविड केयर आइसोलेशन आईसीयू में भर्ती कराया गया, तो उन्हें वैकल्पिक एचएफएनसी और एनआईवी सपोर्ट के साथ उपचार प्रदान किया गया। इस चरण में भी प्रतिदिन 6-8 घंटे प्रोन पोजिशन(पेट के बल लेटाना) प्रक्रिया की जाती थी। उन्हें दूसरे दर्जे का जीवाणु संक्रमण था, जिसके लिए उचित एंटीबायोटिक्स प्रदान करके उपचार किया गया। उनका इलाज वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप डाभी द्वारा भी किया गया, जिन्होंने ब्रोकोस्कोपी करके निमोनिया के उपचार में सहयोग दिया।
अर्जुन ने कहा कि उनके पिता ने कोविड-19 आईसीयू में आठ दिन बिताए, आईसीयू वार्ड में लगभग पांच सप्ताह और बाद में दो सप्ताह निजी रूम में भर्ती थे। उन्होंने रोगी के सुव्यवस्थित स्थानांतरण की भी सराहना की। सिम्स में डॉक्टरों द्वारा सही समय पर उपचार की वजह से वेंटिलेशन को टाला जा सका। अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले पटेल ने कहा कि वे सिम्स अस्पताल और विशेष रूप से अस्पताल के अध्यक्ष डॉ. केयूर पारिख (Dr. Keyur Parikh) और डॉ. भाग्येश शाह के आभारी है। अस्पताल के कर्मचारियों ने भी उनकी बहुत अच्छी देखभाल की और स्वस्थ होने में मदद की।
इसी प्रकार इस महीने की शुरुआत में 62 वर्षीय श्रीमती मारिया अलोंसो जाजो को गंभीर हालत में मोरबी से सिम्स में स्थानांतरित किया गया था। यहां 10 दिनों तक उपचार के बाद वह कोविड-19 से ठीक हो गई और स्पेन लौटी थी।
उल्लेखनीय है कि सिम्स मे 5,000 से अधिक कोविड-19 मरीजों का उच्च सफलता दर के साथ इलाज हुआ है। कोविड केयर के लिए सिम्स उत्कृष्ठ केंद्र के रूप में उभरा है।

Related posts:

Kotak Mahindra Bank Drops Home Loan Interest Rates to 6.50%

हिंदुस्तान जिंक की समाधान परियोजना से जुड़े किसानों ने जावर में मनाया विश्व पशु कल्याण दिवस

जिंक कार्बन उत्सर्जन को जीरो लेवल पर पहुंचाने के लिए अंडर ग्राउंड माइनिंग में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन ...

HDFC Bank releases the first edition of CSR Report

जिंक ने राष्ट्रीय बालिका दिवस पर किया जागरूक

वैल्वोलाइन ने ‘मेकैनिकों’ के लिये उदयपुर में अपनी पहली सुरक्षा पहल लॉन्च की

Shalby Limited announces strategic clinical trial agreement with Monogram Technologies

Glow Up at the Gloss Box – A Beauty Extravaganza at Nexus Celebration

HDFC Bank Educates over 1,000 Teachers on Safe Digital Banking Practices

जिंक पर्यावरण संबंधी बेस्ट प्रेक्टिसेज के लिए सीआईआई राष्ट्रीय पुरस्कार 2021 से पुरस्कृत

Sachin Bansal’s Navi Mutual Fund launches Navi Nifty 50 Index Fund with Lowest Expense Ratio, NFO is...

अमेजन ने की प्राइम डे 2020 की घोषणा