जिंक की कायड़ माइंस को गोल्डन पीकाॅक एनवायरमेंट अवार्ड

अपने पर्यावरणीय प्रभाव और सुरक्षा कार्य में सुधार के लिए मिला पुरस्कार

उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक की कायड़ माइंस को सस्टेनेबल खनन की दिशा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित गोल्डन पीकॉक एनवायरमेंट मैनेजमेंट अवार्ड 2021 प्रदान किया गया है। कंपनी को यह अवार्ड प्रदूषण नियंत्रण सुविधाएं बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन कम करने, संचालित इकाइयों से पानी के पुनर्चक्रण और अन्य जैव विविधता प्रबंधन के लिए दिया गया है। जिंक की ओर से यह अवार्ड कायड़ खदान के निदेशक केसी मीणा ने प्राप्त किया।
विश्व पर्यावरण फाउंडेशन का गोल्डन पीकॉक एनवायरमेंट मैनेजमेंट अवार्ड एक प्रतिष्ठित अवार्ड है जो संगठनों को अपने पर्यावरण और सामाजिक प्रदर्शन को बढ़ाने, अनुकूल करने और मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित करता है। कायड़ खदान अपने सस्टेनेबल संचालन के लिए एक मॉडल रहा है। नवीकरणीय सौर उर्जा के माध्यम से अपनी अधिकांश ऊर्जा जरूरतों को पूरा करता है। संचालन में पुनर्चक्रित पानी का उपयोग और अत्याधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली रखता है। खदान में मौजूद सौर ऊर्जा प्रणाली के माध्यम से अपनी कुल बिजली की आधी खपत को पूरा किया जाता है। कायड़ खदान को सस्टेनेबल खनन में प्रयासों के लिए पिछले महीने ही खान मंत्रालय से 5 स्टार रेटेड माइंस का अवार्ड भी मिल चुका है।
जिंक सस्टेनेबल संचालन में अपने नवप्रयोग करने वाली कंपनी है जो उच्चतम ईएसजी नियमों और मानकों को बनाए रखने, कार्बन उत्सर्जन से निबटने, जलवायु परिवर्तन के अनुसार स्वयं को बदलने तथा पानी और ऊर्जा संरक्षण के साथ प्रतिबद्ध है। कंपनी ने अपने निरंतरता और स्थिरता के लिए एक रणनीतिक रोडमैप तैयार किया है जिसमें अगले पांच वर्षों में एक बिलियन डॉलर से अधिक निवेश किया जाएगा ताकि 25 तक हरियाली रखने और स्थिरता के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।

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