बस चालक को लगी नींद की झपकी, अनियंत्रित होकर बस पलटने से एक श्रृद्धालु की मौत, दो दर्जन से अधिक घायल

चित्तौड़गढ़ (मुकेश मूंदड़ा )। चित्तौड़गढ़-उदयपुर नेशनल हाईवे पर मंगलवार सुबह श्रद्धालुओं से भरी निजी बस के पलटने से एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग घायल हैं। ये श्रद्धालु चित्तौड़गढ़ से प्रसिद्ध कृष्ण धाम सांवलियाजी दर्शन के लिए जा रहे थे। हादसा मंगलवार सुबह करीब 5ः30 बजे चित्तौड़गढ़ के भादसोड़ा थाना क्षेत्र के बागुंड के पास हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि बस की छत पर बैठे 20 से 25 यात्री सीधे नेशनल हाईवे की पक्की सड़क पर जा गिरे। गनीमत रही कि हादसे के वक्त पीछे से कोई तेज रफ्तार गाड़ी नहीं आ रही थी, अन्यथा सड़क पर गिरे यात्री उसकी चपेट में आ सकते थे। भादसोड़ा थाना अधिकारी महेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि एक निजी बस चित्तौड़गढ़ से यात्रियों को लेकर सांवलियाजी जा रही थी। बागुंड के पास बस सर्विस रोड पर चल रही थी तभी अचानक चालक ने संभवतः नींद की झपकी आने से नियंत्रण खो दिया। बस सीधे नेशनल हाईवे की तरफ बढ़ गई, जहां आगे कोई रास्ता नहीं था। रफ्तार तेज होने के कारण बस ने जोरदार टक्कर मारते हुए डिवाइडर, वहां लगे बिजली के पोल और सुरक्षा रेलिंग को उखाड़ते हुए मुख्य हाईवे पर पलटी खा गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों की सूचना पर भादसोड़ा पुलिस और चित्तौड़गढ़ सहित आसपास के इलाकों से हाईवे एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत बस से बाहर निकालकर भादसोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व सांवलियाजी मंडफिया चिकित्सालय पहुंचाया। लगभग एक दर्जन गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल रेफर किया गया है। हादसे में 32 वर्षीय रघुवीर मीणा निवासी नपनिया, तहसील छबड़ा की मौत हो गई। बस में सवार यात्री जयपुर, जोधपुर, कोटा, सवाई माधोपुर और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों व जिलों से चित्तौड़गढ़ पहुंचे थे। वहां से सांवलियाजी मंदिर दर्शन के लिए इस बस में सवार हुए थे। हादसे के बाद भादसोड़ा पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को बीच हाईवे से हटवाया और क्षतिग्रस्त बिजली के पोल व रेलिंग को किनारे कर यातायात को सुचारू करवाया। पुलिस ने बस ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बस में सवार करीब 30 श्रद्धालु घायल हुए हैं, इनमें से 11 को चित्तौड़गढ़ और 3 को उदयपुर रेफर किया गया है, शेष 4 का प्राथमिक इलाज जारी है। दुर्घटनाग्रस्त हुई यह बस बिना वैध परमिट के यात्रियों को लेकर चल रही थी। बताया जा रहा है कि परिवहन विभाग की नाक के नीचे यह बस लंबे समय से चित्तौड़गढ़ से सांवलियाजी के बीच अवैध रूप से चल रही थी। क्षमता से अधिक सवारियां बिठाई गई थीं। हादसे के बाद नायब तहसीलदार शिवशंकर पारीक भी सांवलियाजी मंडफिया उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और घायलों की जानकारी ली।

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हादसे के बाद जिला कलक्टर डॉ. मंजू जिला चिकित्सालय पहुंचीं तथा घायलों की कुशलक्षेम पूछकर उपचार व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला कलक्टर ने चिकित्सालय में भर्ती घायलों एवं उनके परिजनों से संवाद कर उनकी स्थिति की जानकारी लेकर चिकित्सकों को सभी घायलों का त्वरित, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं हो तथा आवश्यक दवाइयों, जांचों एवं चिकित्सा सुविधाओं की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन द्वारा घायलों एवं उनके परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। जिला कलक्टर ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।