जिला परिषद में लगा स्व-गणना कैंप, अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया पंजीयन
उदयपुर। भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण की शुरुआत के साथ ही उदयपुर में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के तहत स्व-गणना प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। इसी क्रम में जिला परिषद सभागार में विशेष स्व-गणना कार्यशाला एवं कैंप आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर पोर्टल के माध्यम से अपनी स्व-गणना दर्ज की।
प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल के निर्देशन में आयोजित कैम्प में स्व-गणना प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझाने और तुरंत पंजीयन कराने पर विशेष फोकस रखा गया। जिला जनगणना अधिकारी एवं एडीएम (प्रशासन) दीपेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर के अधिकारी-कर्मचारियों ने ऑनलाइन पोर्टल के जरिए स्व-गणना कर प्रक्रिया की शुरुआत की। इस दौरान उप जनगणना अधिकारी तथा संयुक्त निदेशक सांख्यिकी पुनीत शर्मा सहित विशेषज्ञों ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पोर्टल के उपयोग, आवश्यक जानकारियों और सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
15 मई तक खुला रहेगा पोर्टल :
जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के तहत 1 मई से 15 मई तक आमजन के लिए स्व-गणना पोर्टल उपलब्ध रहेगा, जिससे नागरिक घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके पश्चात फील्ड कार्य दिनांक 16 मई से 14 जून 2026 तक किया जाना है। स्वगणना की सुविधाएक समर्पित वेब पोर्टल (एसई-सेंसस डाॅट जीओवी डाॅट इन) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। यह पोर्टल मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के लिए प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर किए जाने वाले डेटा संकलन के प्रारंभ होने से ठीक पूर्व 15 दिनों की अवधि के लिए आमजन के लिए खुला हैै। यह वेब पोर्टल अंग्रेजी, हिंदी तथा 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। परिवार का मुखिया लगभग 15-20 मिनट में स्व-गणना की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए परिवार संबंधी विवरण दर्ज करा सकते है। स्व-गणना पहचान संख्या अपने मोबाइल/ई-मेल पर प्राप्त कर सकता है। प्रगणक के परिवार के भ्रमण के दौरान, स्व-गणना के विवरण की पुष्टि एवं अंतिम प्रस्तुतिकरण के लिए यूनिक आईडी प्रगणक के साथ साझा करना आवश्यक होगा।
जिला कलक्टर ने की अपील :
जिला कलक्टर ने सभी राजकीय कर्मचारियों और आमजन से स्व-गणना में सक्रिय भागीदारी की अपील की। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल अधिकृत पोर्टल का ही उपयोग करें और किसी भी प्रकार के साइबर ठगी से सतर्क रहें।

