प्रारंभिक बाल देखरेख संबंधी प्रस्तावों को प्राथमिकता से पारित करवाने समुदाय आगे आए

उदयपुर। फोरम फॉर क्रेशेस एंड चाइल्ड केयर सर्विसेस राजस्थान के बैनर तले अलर्ट संस्थान द्वारा आयोजित कार्यशाला में गोगुंदा के विकास अधिकारी महिप सिंह ने आगामी ग्राम सभाओं में बनाए जाने वाली ग्राम पंचायत विकास योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए प्राथमिकता से शामिल कराने में सक्रियता निभाने की बात कही। सिंह ने कहा की ग्रामीण स्तर पर हमें आदर्श गांव बनाना है और जीपीडीपी के अंदर जो समुदाय के लिए प्राथमिक सुविधाएं हैं उनको विकसित करना है, इसके लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से 0 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों की प्रारंभिक देखभाल के मुद्दों को ग्राम सचिव स्तर एवं ग्राम सभाओं की योजनाओं में शामिल करने और उन पर प्रस्तावों के लिए सहयोग करने के लिए आश्वासत किया।
अलर्ट संस्थान के संस्थापक बी. के गुप्ता ने बताया कि फोर्सेज द्वारा राज्य में विभिन्न संगठनों के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जाकर प्रारंभिक बाल देखरेख एवं विकास के मुद्दों एवं इससे संबंधित सरकारी योजनाओं पर समुदाय को जागरूक किया जा रहा है ताकि वह प्राथमिकता से इनको जी.पी.डी.पी. में शामिल करवा सके। अलर्ट संस्थान के अध्यक्ष जितेंद्र मेहता ने सभी का स्वागत किया और आंगनबाड़ी स्तर पर आ रही समस्याओं एवं विकास योजनाओं पर बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर आंगनबाड़ी और बच्चों के लिए विकास के लिए जनप्रतिनिधि भी सहयोग करें और उनके विकास के लिए योजनाएं बनाकर लागू करें।
कार्यशाला में गोगुंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिया झांझरिया ने पोषण एवं बाल विकास पर बताया कि बच्चों की देखभाल एवं गर्भवती माता की देखभाल समय पर करें और 2 वर्ष तक बच्चों के विकास में संपूर्ण ध्यान दें और पोषण का विशेष रूप से ध्यान रखें, साथ ही अन्य जो बीमारियां है उनका समय पर इलाज करें जिससे बच्चों का विकास अच्छी तरीके से हो सके। कार्यशाला दौरान पंचायत प्रतिनिधियों एवं समुदाय मुखियाओं द्वारा भी बेहतर आंगनवाड़ी संचालन, पालना केंद्र संचालन एवं विद्यालय सुविधाओं को लेकर समस्याओं को रखा गया। संचालन अलर्ट संस्थान के कार्यकर्ता देवीलाल गमेती ने किया। कार्यशाला में हैंड इन हैंड इंडिया के प्रकाश मेघवाल सहित 10 ग्राम पंचायतों के ग्राम मुखिया, पंच, सरपंच, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी सहित 60 लोगों ने भागीदारी की।

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