‘अपनों से अपनी बात’ कार्यक्रम का समापन
उदयपुर। दीन-दुःखियों एवं दिव्यांगजनों की सेवा के लिए समर्पित नारायण सेवा संस्थान में आयोजित पांच दिवसीय विशेष संवाद कार्यक्रम ‘अपनों से अपनी बात’ का शनिवार को समापन हो गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से चिकित्सा लाभ लेने आए एवं संस्थान की सेवाओं से लाभान्वित हुए दिव्यांगजन शामिल हुए।
संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने लाभार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि जीवन में आने वाले दुःख और संघर्ष ही व्यक्ति को महान बनाते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास और आध्यात्मिक परंपरा के अनेक महान व्यक्तित्वों ने कठिन परिस्थितियों का सामना कर ही अपनी पहचान बनाई। चाहे प्रभु राम हों, भगवान बुद्ध, संत मीरा या स्वामी विवेकानंद, सभी ने संघर्षों से सीख लेकर समाज को नई दिशा दी।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सोना आभूषण बनने से पहले अग्नि में तपता है, उसी प्रकार मनुष्य भी कठिनाइयों से गुजर कर अधिक मजबूत, परिपक्व और सफल बनता है। जीवन की चुनौतियों से घबराने के बजाय उन्हें अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए।
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और संस्थान द्वारा प्रदान की जा रही चिकित्सा एवं पुनर्वास सेवाओं की सराहना की। मध्यप्रदेश के मंदसौर निवासी तूफान सिंह ने बताया कि वह संस्थान में कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी निवासी सदानंद ने कृत्रिम अंग प्राप्त कर नया जीवन मिलने की अनुभूति व्यक्त की। वहीं उत्तर प्रदेश के मुगलसराय निवासी जुनैद, राजस्थान के अलवर निवासी भानु प्रताप तथा छत्तीसगढ़ के देवेन्द्र नाथ ने सफल ऑपरेशन के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में लाभार्थियों ने संस्थान की सेवाओं को दिव्यांगजनों के लिए आशा और आत्मविश्वास का केंद्र बताते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

