उदयपुर। टाइगर हिल स्थित संस्कार भवन में श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्था मेवाड़ की ओर से आयोजित नौ दिवसीय गरबा महोत्सव का तीसरी बार भव्य आयोजन किया गया। नवरात्रि के नौ दिनों तक पूरा परिसर मां अम्बे की भक्ति, आराधना और जयकारों से गूंजता रहा। महोत्सव का समापन 251 दीपकों की भव्य महाआरती के साथ हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए और माता रानी के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना की।
गरबा महोत्सव के नौ दिनों में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकरूपता की अनूठी झलक भी देखने को मिली। प्रतिदिन महिलाएं एक समान पारंपरिक वेशभूषा पहनकर गरबा पांडाल पहुंचीं। वहीं पुरुष भी मेवाड़ी पगड़ी के साथ धोती-कुर्ता या कुर्ता-पायजामा पहनकर गरबा खेलते नजर आए। एक जैसी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल समाजजनों ने अपनी संस्कृति, परंपरा और आपसी एकता का संदेश दिया। बच्चों ने भी उत्साह के साथ गरबा खेलकर आयोजन की रौनक बढ़ाई।
समाज संस्था के अध्यक्ष दिग्विजय श्रीमाली के नेतृत्व में युवा टीम ने आयोजन को भव्य रूप दिया। गरबा महोत्सव के नौ दिनों तक समाजजनों में खासा उत्साह रहा। मां अम्बे के नौ स्वरूपों की आकर्षक रंगोली भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
251 दीपकों की महाआरती के दौरान पूरा पांडाल भक्तिमय हो उठा। माता रानी के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से आरती कर नवरात्रि पर्व को विदाई दी। धार्मिक आस्था, मेवाड़ी संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का संदेश देता यह महोत्सव समाजजनों के लिए यादगार बन गया।
मां अम्बे की भक्ति में रंगा श्रीमाली समाज का गरबा महोत्सव, 251 दीपकों की महाआरती के साथ समापन
