आइकॉम इंटरकॉम वार्षिक सम्मेलन में वैश्विक विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन और डिजिटल बदलाव पर किया विचार-विमर्श

डिजिटल बदलाव और तकनीक के साथ पुरखों की विरासत को जीवंत रखना हमारा दायित्व – डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़
उदयपुर :
सिटी पैलेस म्यूज़ियम, उदयपुर में महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के सहयोग से 24 एवं 25 अक्टूबर को आयोजित आइकॉम इंटरकॉम वार्षिक सम्मेलन 2026 का शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न देशों के संग्रहालय विशेषज्ञ, प्रबंधक, शोधकर्ता और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
‘बिल्डिंग ब्रिजेज़रू म्यूज़ियम्स में डिजिटल बदलाव और जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में नैरेटिव्स का रूपांतरण’ विषय पर केंद्रित इस सम्मेलन में संग्रहालयों की बदलती भूमिका, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित डिजिटल तकनीकों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान श्रीजी हुजूर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़, महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी ने विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों से मेवाड़ की लोक परंपरा के अनुरूप आत्मीय भेंट की। उन्होंने सभी अतिथियों का अभिनंदन करते हुए उनके संस्थानों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने संग्रहालयों में तकनीकी प्रगति के अनुरूप भविष्य में होने वाले बदलावों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सिटी पैलेस म्यूज़ियम, मेवाड़ की जीवंत विरासत को संरक्षित करने, उत्कृष्टता के केंद्र विकसित करने और 21वीं सदी में सतत विरासत प्रबंधन के आदर्श प्रस्तुत करने की दिशा में निरंतर कार्यरत है।
सम्मेलन का शुभारंभ फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मयंक गुप्ता के स्वागत संबोधन से हुआ। आइकॉम इंटरकॉम की अंतरिम अध्यक्ष सुश्री मार्था इकाबोंगो ने सम्मेलन की विषयवस्तु का परिचय दिया। आइकॉम की कार्यकारी परिषद की कोषाध्यक्ष सुश्री गोरांका होर्जन ने विशेष संबोधन दिया, जबकि आइकॉम नैथिस्ट बोर्ड के सदस्य एवं स्वालबार्ड म्यूज़ियम के निदेशक श्री आइस्टीन मार्कुसन ने मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत किया। सभी ने इंटरकॉम की रीना दीवान का सम्मेलन हेतु विशेष योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
सम्मेलन का पहला दिन जलवायु परिवर्तन और संग्रहालयों की भूमिका पर केंद्रित रहा। विभिन्न देशों के उदाहरणों के माध्यम से सतत विरासत प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक सहभागिता और स्वदेशी ज्ञान की प्रासंगिकता पर विचार साझा किए गए। ‘जलवायु के संदर्भ में संग्रहालयरू जिम्मेदारी बनाम क्षमता’ विषयक गोलमेज परिचर्चा का संचालन आइकॉम इंटरकॉम की बोर्ड सदस्य सुश्री इवेता रुस्कुल ने किया। इसमें संग्रहालयों की जिम्मेदारियों, उपलब्ध संसाधनों और पर्यावरणीय पहलों को लागू करने की चुनौतियों पर चर्चा हुई। सुश्री आलेन्का क्रोसेल चर्नेलिच और आइस्टीन मार्कुसन के नेतृत्व में आयोजित कार्यशाला में जलवायु कार्रवाई की व्यावहारिक रणनीतियों पर विचार किया गया। दिन का समापन संग्रहालय की क्यूरेटोरियल टीम द्वारा निर्देशित भ्रमण के साथ हुआ।
सम्मेलन के दूसरे दिन डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और संग्रहालयों के भविष्य पर चर्चा होगी। इटली के ट्यूरिन स्थित म्यूज़ियो एजीज़ियो की सुश्री सिल्विया चेंद्रॉन ‘प्रौद्योगिकी बनाम प्रामाणिकता: संग्रहालयों की स्थिति क्या है?’ विषय पर मुख्य वक्तव्य देंगी। वहीं, नई दिल्ली स्थित किरण नादर म्यूज़ियम ऑफ आर्ट के मैनुअल रबाते ‘एआइरू संग्रहालय परिवेश की नई परिकल्पना’ विषय पर अपने विचार साझा करेंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग और पेशेवर संवाद को प्रोत्साहित करते हुए संग्रहालयों को अधिक टिकाऊ, तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के प्रति उत्तरदायी बनाने की दिशा में विचारों का आदान-प्रदान करना है।