उदयपुर। चौथे इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट में भाग लेने के लिए आए अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के दल का चार दिवसीय दौरे के दौरान बुधवार शाम को उदयपुर पधारने पर उनका स्वागत किया गया। कलाकार यहां विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर पेंटिंग बनाएंगे जिनकी प्रदर्शनी नई दिल्ली में लगाई जाएगी।
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि विदेश मंत्रालय एवं संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार राष्ट्रीय ललित कला अकादमी दिल्ली एवं पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के संयुक्त तत्वाधान में चौथे इंडिया-अफ्रीका फॉरम समिट में भाग लेने वाले अतिथियों का एक दल बुधवार शाम को उदयपुर पहुंचा। गुरूवार को सभी कलाकारों का शिल्पग्राम में भव्य स्वागत किया गया। मुख्य द्वार पर उन्हें तिलक और मेवाड़ी साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया, उसके बाद उन्हें शिल्पग्राम का अवलोकन कराया गया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों की पारंपरिक झोपड़ियाँ, स्कल्पचर पार्क, ग्रामीण परिवेश और शिल्पग्राम के हस्तशिल्प स्टॉलों को निहारा तथा वहां प्रदर्शित शिल्पों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद आर्टिस्टों ने लंगा गायन, चकरी, कालबेलिया, पोवाड़ा और कच्छी भजन लोक संस्कृतियों की प्रस्तुतियाँ देखी। इसके बाद शाम को उन्होंने सहेलियों की बाड़ी का भ्रमण किया।
उस दल में 4 सदस्य जो कि एस्वातीनी, सेशेल्स, नाइजीरिया एवं दक्षिण सूडान के आर्टिस्ट उदयपुर में विभिन्न जगहों का भ्रमण कर पेंटिंग बनाएंगे। शिल्पग्राम एवं सहेलियों की बाड़ी भ्रमण के बाद कलाकारों ने बताया कि हमारे अफ्रीका जैसे पहाड़ एवं गांव की लोक एवं पारंपरिक शैली से बनी झोपड़ियों से उन्हें अपने घर जैसा ही माहौल लगा। उदयपुर शहर की खूबसूरती अपने आप में अद्वितीय है।
इस अवसर पर पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के उपनिदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत, सहायक निदेशक (वित्त एवं लेखा) दुर्गेश चांदवानी, अधीक्षण अभियंता सी.एल. सालवी, कार्यक्रम अधिशाषी हेमंत मेहता, सुनील निमावत, दीपक नवलखा तथा केन्द्र के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।

