हिंदुस्तान जिंक का दिवाली अभियान “ प्रगति की रोशनी ”

सभी से स्थानीय खरीदारी करने और प्रगतिशील और समृद्ध दिवाली में योगदान करने का आग्रह

उदयपुर। दिवाली एक ऐसा त्योहार है जो जमीन और हवा दोनों को रोशन करता है, जो चारोंओर सभी के लिए उत्साह और खुशी लाता है। दिवाली उपहार देनेऔर दूसरों को खुशियाँ फैलाने के माध्यम से शानदार ढ़ंग से चित्रित किया गया है। दिवाली अभियान-‘‘प्रगति की रोशनी’’ के साथ, हिंदुस्तान जिंक सभी से स्थानीय छोटे और स्वतंत्र व्यवसायों को इस पवित्र अवसर पर समृद्ध होने में मदद करने का आग्रह करता है।
हिंदुस्तान जिंक भारत की ‘‘वोकल फॉर लोकल’’ पहल को प्रोत्साहित करता है और इस अभियान के माध्यम से, कंपनी ने एक ही अर्थव्यवस्था में पैसों से ख़रीदारी दिखाई जिससे न केवल खरीदार बल्कि उनके आसपास के लोगों और समुदायों को भी फायदा होगा। स्थानीय कारीगरों, व्यापारियोंऔर खदरा विक्रेताओं के साथ दिवाली मनाने से कोविड-19 के नेतृत्व वाले व्यवधानों के बाद अथव्यवस्था को बहुत जरूरी बढ़ावा मिलेगा। इस तरह के एक अनूठे दृष्टिकोण के साथ, संगठन ने एक लघुफिल्म तैयार की, जिसमें दर्शकों से अपने क्षेत्र में स्थानीय व्यवसायों के लिए समर्थन दिखाने की हार्दिक अपील की गई, जहां सभी को समान रूप से दिवाली मनाने का अवसर मिल सके।
हिंदुस्तान जि़ंक की प्रमुख सतत आजीविका परियाजनाएं सखी, समाधान और कौशल और उद्यमिता विकास संस्थान न केवल युवाओं, महिलाओं और किसानों और पशुपालकों जैसे समुदाय के विभिन्न समूहों का समर्थन और सहायता करते हैं, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए तैयार और आत्मनिर्भर बनने में भी मदद करते हैं। ऐसी सामुदायिक विकास पहलों पर ध्यान केंद्रित करके, कंपनी लगातार स्थानीय गांवों को आत्मनिभर भारत के प्रोटोटाइप के रूप में विकसित करने के लिए सशक्त बना रही है।