चित्तौड़गढ़ (मुकेश मूंदड़ा )। गौरव तीर्थ प्रन्यास द्वारा आगामी 24 मई को आयोजित मेवाड़ गौरव परीक्षा को लेकर तैयारियाँ जोरो पर है। विभिन्न टीमों द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों में जाकर सम्पर्क किया जा रहा है। हल्दीघाटी के 450 वर्ष पूर्ण होने पर पहली बार चित्तौड़ और मेवाड़ के गौरव के स्मरण के लिए परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। विशेषकर 12-18 वर्ष की आयु के युवा वर्ग को गौरवपूर्ण इतिहास याद करवाने और इतिहास के प्रति श्रद्धा भाव जगाने का वृहद स्तर पर प्रयास किया गया है। 1 मई से प्रारंभ हुए पंजीयन अब तक 5000 पार हो चुके हैं। आयोजकों द्वारा प्रत्येक विद्यालय में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार से पंजीयन की व्यवस्था की गई है। पुरूस्कार से ज्यादा मेवाड़ के इतिहास को जानने में विद्यार्थियों की रूचि अधिक देखी जा रही है। कईं ग्रंथों के निचोड़ से प्रश्नोत्तरी पुस्तक का प्रकाशन किया गया है जो प्रत्येक विद्यार्थी को प्राप्त होगी। अभी तक हुए पंजीयन चित्तौड़ के अलावा राजस्थान के लगभग 80 प्रतिशत जिलों से प्राप्त हुए हैं। इसी के साथ राजस्थान के बाहर दिल्ली, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, उड़ीसा, उत्तराखंड राज्यो से भी ऑनलाइन पंजीकरण हुए हैं, जिन्हें डिजिटल माध्यम से पुस्तकें उपलब्ध कराई जा चुकी है। प्रतिदिन कार्यकर्ता कॉलसेंटर के जरिए विद्यार्थियों की सहायता कर रहे हैं। अभी तक जिले के 60 प्रतिशत विद्यालयों में संपर्क किया जा चुका है। सोशल मीडिया के जरिए भी छात्रों ने पंजीकरण करवाया है। आयोजकों का मानना है कि ऑनलाइन परीक्षा से छात्रों को तकनीक फ्रेंडली होने का अवसर मिलेगा जिससे आगामी दिनों में एआई का उपयोग और तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखने का मौका मिलेगा।

