चित्तौड़गढ़ (मुकेश मूंदड़ा )। मोक्षधाम विकास समिति शहर की बैठक मोक्षधाम परिसर में प्रेमप्रकाश मुंदडा की अध्यक्षता मे आयोजित हुई। बैठक विशेष रूप से गत वित्तीय वर्ष के वार्षिक लेखे-जोखे पर चर्चा एवं समीक्षा को लेकर आयोजित की गयी। सचिव नरेन्द्र कुमार नाहर ने बताया कि समिति के गत वर्ष के आय-व्यय की बिन्दुवार जानकारी गोविन्द बजाज द्वारा समिति सदस्यों के समक्ष रखी गयी जिस पर उपस्थित सभी सदस्यो ने चर्चा कर अपनी स्वीकृति प्रदान की। बैठक के दौरान जीवदया प्रकल्प प्रभारी राधेश्याम आमेरिया एवं प्रकाश पोरखना द्वारा गत वर्ष से समिति द्वारा प्रारंभ किये गये जीवदया प्रकल्प व्यवस्था के बारे मे विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गुप्तदान सहयोग से 25 बोरी मक्का प्राप्त हुई तथा रसीदो के माध्यम से 1 लाख 06 हजार 240 रूपये की राशि प्राप्त हुई तथा मक्का, खरीद 66 हजार 960 रूपये की गयी तथा जीवदया मद में 29 हजार 381 रूपये 31 मार्च को श्रीपोते रहा। आमेरिया द्वारा बैठक के दौरान यह सुझाव दिया गया कि शवदाह गृह स्थल जो कि काफी मजबूत बना हुआ है किन्तु काफी समय बीत जाने से उसमें कहीं कहीं दरारे आने लग गयी है तो उन्हें ठीक कराते हुए इसे ओर भी आकर्षक स्वरूप प्रदान कराते हुए दूर्ग की प्राचीरनुमा डिजाईन देकर गहरे पीले व गेरू कलर की डिजाईन मे पेन्टीग की जावें तथा टीन शेड के उपर स्टेण्ड बना कर गीता ज्ञान का स्परूप निर्मित किया जा सकता है। मोक्षधाम परिसर मे स्थित देवाधिदेव महादेव की स्थापित मूर्ति के चारों ओर समिति द्वारा स्वंय के खर्चे से स्टील रेलिंग, सीढियों के पास रेलिंग एवं स्टेण्ड का निर्माण करवाया गया तथा परिसर के मुख्य बैठक हाल, स्नानाघर, पुस्तकालयो की छत पर पानी रिसाव को रोकने हेतु भी समिति द्वारा स्वंय के खर्चे से लगभग 4 लाख रू. की लागत से टूकडी लगायी गयी। जिसका उपस्थित सदस्यो ने अपने सर्वसम्मती से सहमति प्रदान की। मोक्षधाम परिसर मे सोलर लाईट लगवाने हेतु समिति सदस्य राजेश ईनाणी द्वारा सुझाव दिया गया जिससे मोक्षधाम परिसर में पर्याप्त रोशनी हो सके एवं रात्री केा परिसर आकर्षक दिखायी दे सके, जिससे जनहितार्थ अंतिम संस्कार का कार्य सुचारू रूप से हो सके। इसके अतिरिक्त मुख्य प्रवेश द्वार से रास्ते मे हरियाली युक्त लोहे के द्वार का निर्माण करवाने, 4 हजार स्क्वायर फीट कोटा स्टोन की फर्शी मोक्षधाम परिसर में पक्षियो को दाना डालने की जगह एवं दक्षिणी कोने पर स्थित खाली जगह पर कोटा स्टोन लगाया जाने के साथ ही समिति परिसर मे रंग रोगन करवाने के लिए एवं छत पर चढने उतरने के लिए सीढियो के निर्माण तथा बरसात से पूर्व दाह संस्कार हेतु पर्याप्त लकडियो का स्टॉक करने का भी प्रस्ताव लिया गया। समिति की ओर से यूआईटी को अनुरोध पत्र भेजा गया जिस पर अनिल ईनाणी द्वारा इस कार्य को शीघ्रातिशीघ्र कराने का आश्वासन दिया तथा समिति की ओर से रामगोपाल लौहार को इस कार्य हेतु प्रभारी नियुक्त किया गया। बैठक का संचालन नरेन्द्र कुमार नाहर द्वारा किया गया। बैठक में नरेन्द्र कुमार नाहर, राधेश्याम आमेरिया, प्रकाश पोखरना, गोविन्द बजाज, भंवरलाल कुमावत, रामेश्वरलाल सनाढय, हरिशंकर पंडिया, राजेश ईनाणी, सत्यनारायण आगाल, मुरलीधर बसेर, रामगोपाल लौहार, जगदीश सोनी, एवं भगवतीलाल शर्मा उपस्थित रहे। साथ ही समिति मे मनोज सोनी, लोकेन्द्र भडक्तिया, मोहित सरूपरिया, कमल बोहरा को सर्वसम्मती से समिति के नये सदस्यों के रूप में मनोनीत किया। अंत मे नरेन्द्र नाहर द्वारा उपस्थित सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
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हिंदुस्तान जिंक की पहली महिला माइन रेस्क्यू टीम 13वीं अंतर्राष्ट्रीय माइन रेस्क्यू प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी
इंटरनेशनल माइन रेस्क्यू बाॅडी द्वारा कोलंबिया में आयोजित इस प्रतियोगिता में विश्व की 26 से अधिक टीमें भाग ले रही है उदयपुर:देश की सबसे बड़ी और विश्व की दूसरी सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड भारत की पहली महिला खदान बचाव टीम 13वीं अंतर्राष्ट्रीय खदान बचाव प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। इंटरनेशनल माइन रेस्क्यू बाॅडी के निर्देशन में, कोलंबिया की राष्ट्रीय खनन एजेंसी द्वारा आयोजित इस वर्ष की प्रतियोगिता में विश्व की 26 से अधिक टीमें शामिल होंगी। हिंदुस्तान जिंक की टीम इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने वाली भारत की पहली महिला टीम के रूप में ऐतिहासिक सफलता का प्रतीक है, जो अपने असाधारण बचाव कौशल और विशेषज्ञता का प्रदर्शन करेगी। प्रतिवर्ष विभिन्न मेजबान देशों में आयोजित की जाने वाली इस प्रतियोगिता में विभिन्न बचाव अभ्यास और परीक्षण शामिल होते हैं जो महत्वपूर्ण भूमिगत खदान बचाव परिदृश्यों का अनुकरण करते हैं। हिंदुस्तान जिंक ने इस प्रतियोगिता में पूर्व में भी भाग लिया है, लेकिन इस वर्ष सभी महिलाओं की टीम का प्रतिनिधित्व एक नया मील का पत्थर है। सात सदस्यों वाली इस टीम को भारत की पहली भूमिगत खदान बचाव टीम होने का गौरव भी प्राप्त है, जिसमें सभी महिलाएं हैं। यह टीम छह श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करेंगी, जिसमें सांस लेने और न लेने वाले वातावरण में खदान बचाव अभ्यास, प्राथमिक चिकित्सा, खनन बचाव कौशल, उपकरण तकनीशियन परीक्षण और सैद्धांतिक ज्ञान मूल्यांकन शामिल हैं। पुरुष प्रधान धातु और खनन क्षेत्र में विविध और समावेशी कार्यबल को बढ़ावा देकर हिंदुस्तान जिंक खनन क्षेत्र में बदलाव लाने में सबसे अग्रणी है। कंपनी इस क्षेत्र से जुड़े भारी और शारीरिक श्रम की धारणा को तोड़कर तेजी से डिजिटलीकरण और स्वचालन द्वारा संचालित स्थायी और मानकीकृत कार्य अनुभव सुनिश्चित कर रही है। व्यक्तिगत और कार्यक्षेत्र में जीवन के हर चरण में महिलाओं को अवसर एवं आगे बढ़ने में सहयोग करने की कंपनी की प्रतिबद्धता ने करियर को आगे बढ़ाने वाली पहलों ने मुख्य खनन कार्यों में करियर के लिए हिंदुस्तान जिंक को चुनने वाली महिला प्रोफेशनल की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकार अरुण मिश्रा ने कहा कि, महिला भूमिगत खदान बचाव टीम पर हमें गर्व है, जो विश्वपटल पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। यह न केवल हिंदुस्तान जिंक बल्कि देश के लिए भी गर्व का क्षण है। उनकी भागीदारी लैंगिक विविधता और समानता के लिए हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो सभी स्तरों पर समान प्रतिनिधित्व और अवसर सुनिश्चित करती है। इस टीम की यात्रा हमारे कार्यबल के हर पहलू में महिलाओं के सशक्तिरण और विशेषज्ञता का उदाहरण है, और हमें विश्वास है कि वैश्विक मंच पर हमारी टीम अन्य महिलाओं को ऐसे क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी। प्रतियोगिता की शुरुआत में अपना उत्साह साझा करते हुए, खान बचाव दल की सदस्य और भारत की पहली भूमिगत महिला खान प्रबंधक संध्या रसकतला ने कहा, हिंदुस्तान जिंक में सीखने के अंतहीन अवसरों ने मुझे अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाया है और यह प्रतियोगिता मुझे सर्वश्रेष्ठ टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका देगी।” टीम की सदस्य संध्या सिंह ने कहा, “मैं इस प्रतियोगिता में भाग लेने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए बहुत उत्साहित हूं। यह आयोजन बचाव कार्यों में मेरे कौशल को बढ़ाएगा। मैं हिंदुस्तान जिंक की उद्योग-प्रथम पहलों के लिए आभारी हूं, जिसने खनन में महिलाओं के लिए नए सीखने के अवसर और विकास की संभावनाएं दी हैं।” प्रतियोगिता जेण्डर न्यूट्रल फ्रेमवर्क वाले परिदृश्यों के माध्यम से बचाव टीमों के व्यावहारिक और तकनीकी कौशल का परीक्षण करने के लिए जानी जाती है। निरंतर प्रशिक्षण, सुरक्षा तैयारी और नवाचार में हिंदुस्तान जिंक के निवेश ने इस टीम को उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के सक्षम बनाया है। इस टीम की भागीदारी न केवल भूमिगत खनन में कंपनी के नेतृत्व को रेखांकित करती है बल्कि सभी कार्यों में समावेशिता और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के अपने दृष्टिकोण को भी दर्शाती है यह विश्वास उनके कार्यबल में परिलक्षित होता है, जिसमें कार्यकारी भूमिकाओं में लगभग 22 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व और कार्यकारी पदों पर उल्लेखनीय 54 प्रतिश्त महिला इंजीनियर हैं। हिंदुस्तान जिंक सभी आयामों में विविधता को बढ़ावा देने में अग्रणी बना हुआ है और इसने सभी कार्यकारी और प्रबंधन भूमिकाओं में 30 प्रतिशत विविधता हासिल करने और बनाए रखने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। Post Views: 847
