संध्या रासकतला बनी अप्रतिबंधित श्रेणी में भारत की पहली महिला खान प्रबंधक

हिन्दुस्तान जिंक ने नियुक्त की देष की पहली महिला अण्डरग्राउण्ड माइन मैनेजर

उदयपुर UDAIPUR । हिन्दुस्तान जिंक Hindustan Zinc में कार्यरत संध्या रासकतला Sandhya Rasakatlawas को अतिप्रतिबंधीत श्रेणी में देश की पहली महिला खान प्रबंधक बनाया है। हिन्दुस्तान जिंक भारत की पहली कंपनी है जिसे महिला अंडरग्राउण्ड माइन मैनेजर नियुक्त करने का गौरव मिला है। संध्या फर्स्ट क्लास मैनजर्स सर्टिफिकेट के बाद उदयपुर जिले में स्थित जावरमाला माइंस में माइन मैनेजर के रूप में कार्य करेंगी। संध्या ने वर्ष 2018 में ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी के रूप में शुरूआत की थी।
खनन जैसे उद्योग में समावेश और विविधता के फलस्वरूप भूमिगत खदान में खनन परिचालन प्रबंधन के लिए हिंदुस्तान जिंक की संध्या रासकतला और योगेश्वरी राणे Yogeshwari Rane भारतीय खनन में फर्स्ट क्लास माइन मैनेजर्स प्रमाणित है। संध्या के साथ ही योगेश्वरी राणे फर्स्ट क्लास मैनेजर्स से प्रमाणीत होने के उपरान्त अजमेंर जिले में स्थित कायड माइंस की हेड प्लानिंग और ऑपरेशंस के पद पर अपनी सेवाएं देगीं। अंडरग्राउंड माइन ऑपरेशन प्रबंधन करने वाली हिन्दुस्तान जिं़क की ये दोनो कर्मचारी देश की चुनिंदा महिलाओं में शामिल हो गयी है जिन्होंने, महानिदेशालय खान सुरक्षा द्वारा अतिप्रतिबंधित श्रेणी में ‘फर्स्ट क्लास मैनेजर्स सर्टिफिकेट ऑफ कॉम्पीटेन्सी‘ प्राप्त करने का गौरव हासिल किया है।
इस गौरवान्वित उपलब्धि पर हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण मिश्रा ने कहा कि “खनन में महिलाओं को अनुमति देना एक क्रांतिकारी निर्णय है। सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए यह हिन्दुस्तान जिं़क और महिला खनन इंजीनियरों के लिए एक अवसर है। हमने इसे अपनाया है और हमारे खनन कार्यों में हमारी महिला इंजीनियरों के लिए समान अवसर दिया है। मुझे यकीन है कि संध्या और योगेश्वरी की नियुक्ति उन सभी युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा होगी जो खनन इंजीनियर के रूप में आगे बढ़ना चाहती हैं। यह खनन उद्योग में आगे आने वाली महिला नेतृत्व के लिए पहला कदम है।
संध्या और योगेश्वरी की उपलब्धि यह बताती है कि विगत कुछ समय से भारत में खनन उद्योग किस प्रकार सकारात्मक विकास से गुजरा है। खनन क्षेत्र में कार्यरत किसी भी अन्य महिला की तरह ही संध्या और योगेश्वरी वर्ष 2019 मंे ऐतिहासिक फैसले से यह गौरव हासिल करने में सक्षम रही हैं। विगत वर्ष खान अधिनियम 1952 में संशोधन के बाद जिसमें सरकार ने खान अधिनियम, 1952 की धारा 46 के प्रावधानों से ओपनकास्ट और अंडरग्राउंड किसी भी खदान में कार्य करने वाली महिलाओं को कार्य हेतु प्रवेश देने का फैसला किया। हिंदुस्तान जिंक ने भूमिगत खदान के परिचालन में अनुभव हासिल करने के लिए महिला इंजीनियरों को अवसर प्रदान किया।

Related posts:

सीम्स अस्पताल मे एक आटो-चालक पिता के दो वर्षीय बच्चे का लिवर प्रत्यारोपण

हिंदुस्तान जिंक को सस्टेनेबल प्रेक्टिस के लिए भारतीय खान ब्यूरो से 5-स्टार रेटिंग

राष्ट्रीय वेबिनार : इतिहासकारों ने तर्कों से स्पष्ट किया …." स्वाधीनता के लिए देशी राजाओं ने मेवाड़ ...

51 जोड़ों के सपनों और विश्वास का संगम

SEA-Solidaridad and Vodafone set up Farmers’ Training Centre at Bundi to support Mustard Farmers

हिंदुस्तान जिंक और सेहर द्वारा आयोजित वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल 2026 में देश विदेश के ज...

HDFC ERGO LAUNCHES ITS WEBSITE IN HINDI LANGUAGE

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बालाथल में समस्याओं का अम्बार

श्री महालक्ष्मी कोटि कुंकुमार्चन यज्ञ पूजा महा महोत्सव की तैयारी अंतिम चरण में

महिलाओं को ड्राइविंग करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय मुहिम

निशुल्क स्त्री रोग चिकित्सा परामर्श एवं पीसीओएस पर व्याख्यान

हिंदुस्तान जिंक को सेरेंटिका रिन्यूएबल्स के 180 मेगावाट सौर पार्क से हरित बिजली आपूर्ति शुरू