प्रताप गौरव केन्द्र में 4 से 6 सितंबर तक होगा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला महोत्सव

—दही—हांडी प्रतियोगिता का नवाचार इस बार रहेगा प्रमुख आकर्षण
—पारम्परिक दही—हांडी में 51 हजार तो नवाचारयुक्त दही—हांडी प्रतियोगिता में 11 हजार रुपये होगा पहला पहला पुरस्कार
उदयपुर।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति, उदयपुर के अंतर्गत संचालित प्रताप गौरव केंद्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ के तत्वावधान में प्रतिवर्ष की भांति इस बार जन्माष्टमी पर 4, 5 और 6 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय आयोजन में इस बार यहां दही—हांडी प्रतियोगिता का नवाचार भी आकर्षण का प्रमुख केन्द्र रहेगा।
प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि आयोजन के तहत जन्माष्टमी पर 4 सितंबर, शुक्रवार को दर्शन का समय प्रातः 6 बजे से मध्यरात्रि 12 बजे तक रहेगा। मध्यरात्रि जन्मोत्सव की महाआरती होगी। इसी दिन दोपहर से मेला शुरू हो जाएगा। मेले में विभिन्न प्रकार के स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें खाने-पीने की सामग्री, हैंडीक्राफ्ट, धार्मिक एवं सामाजिक पुस्तकें तथा दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं के स्टॉल भी शामिल होंगे। इसके अलावा आकर्षक झूले एवं अन्य मनोरंजक प्रस्तुतियां भी मेले में होंगी।
कार्यक्रमों की शुरुआत 4 सितंबर को पंचामृत अभिषेक से होगी। यह आयोजन प्रातः 6 बजे से रखा गया है। इसमें सहयोग राशि 1100 रुपये प्रति जोड़ी निर्धारित की गई है। इसी दिन वेशभूषा प्रतियोगिता का आयोजन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक होगा। इसमें 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए कान्हा यशोदा प्रतियोगिता तथा 6 से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए राधा-कृष्ण वेशभूषा प्रतियोगिता रखी गई है।
4 सितंबर को ही दही हांडी प्रतियोगिता (पारम्परिक) दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे होगी। पारम्परिक दही हांडी प्रतियोगिता के लिए 51,000 रुपये की पुरस्कार राशि घोषित की गई है।
इस बार पारम्परिक दही हांडी प्रतियोगिता के साथ दही हांडी की विशेष प्रतियोगिता नए रूप में भी रखी गई है जिसमें कोई भी पारंगत प्रतिभागी भाग नहीं ले सकेंगे। यह प्रतियोगिता उसी दिन रात 8 बजे से होगी। इस प्रतियोगिता में जितने दल आएंगे उनमें कोई भी पारंगत खिलाड़ी नहीं होगा। इसमें जितने दल होंगे उतनी दही की हांडियां 18 फीट ऊंचाई पर बांधी जाएंगी। सभी दलों के लिए मटकी फोड़ने के लिए निर्धारित अवधि तय की जाएगी। जो दल सबसे कम समय में मटकी फोड़ेगा, वह विजेता होगा। इस नवीन दही हांडी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 11,000 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 5,100 रुपये, तृतीय पुरस्कार 2,100 रुपये तथा सात्वना पुरस्कार 1,100 रुपये रखा गया है।
5 सितंबर को प्रातः 9 बजे से झांकी प्रतियोगिता होगी। इसी दिन दोपहर 12 बजे से लहरिया उत्सव होगा। शाम 4 से 7 बजे तक नाव मनोरथ तथा रात 8 बजे से भजन संध्या का कार्यक्रम रखा गया है। 6 सितंबर को प्रातः 9 बजे से गवरी आयोजन भी होगा।
महोत्सव के संयोजक चन्द्र सिंह कोठारी ने बताया कि धार्मिक कार्यक्रमों के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, झांकी, भजन संध्या, मेला, स्टॉल आदि से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं। हिम्मत सिंह एवं जसवन्त सिंह पुंडीर को सह-संयोजक तथा पंकज पालीवाल को पालक अधिकारी का दायित्व दिया गया है। इसी तरह, विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए अलग-अलग कार्यकर्ताओं को दायित्व दिया गया है।
राखी पर 2 बजे तक ही खुला रहेगा प्रताप गौरव केन्द्र :
प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि रक्षाबंध त्योहार के अवसर पर पर्यटक 2 बजे तक ही प्रताप गौरव केन्द्र के दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद अवकाश रखा जाएगा।