एमएसएमई पारितंत्र के विकास हेतु सिडबी का राजस्थान सरकार के साथ गठबंधन

उदयपुर। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी), जो कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के संवद्र्धन, वित्तपोषण और विकास में संलग्न एक प्रमुख वित्तीय संस्था है, ने राज्य में एमएसएमई पारितंत्र को विकसित करने के लिए राजस्थान सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन निष्पादित किया है। परसादीलाल मीणा, कैबिनेट मंत्री, उद्योग एवं उद्यम, राजस्थान सरकार और नरेशपाल गंगवार, आईएएस, प्रमुख सचिव, उद्योग और एमएसएमई, राजस्थान सरकार की उपस्थिति में इस समझौता ज्ञापन पर श्रीमती अर्चना सिंह, आईएएस, उद्योग आयुक्त, राजस्थान सरकार और बलबीर सिंह, महाप्रबंधक, सिडबी ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत सिडबी द्वारा राजस्थान सरकार के साथ एक परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) स्थापित की जाएगी। पीएमयू की भूमिका ईक्विटी समर्थन, ब्याज सबवेंशन, दबावग्रस्त एमएसएमई इकाइयों के समाधान, एमएसएमई उद्यमियों को सहयोग करने और एमएसएमई इकाइयों की मौजूदा स्थिति के मूल्यांकन के आधार पर अन्य आवश्यकता-आधारित हस्तक्षेप को सुसाध्य बनाने की होगी।
सिडबी के उप-प्रबंध निदेशक वी सत्य वेंकटराव ने कहा कि हमने पहले ही एमएसएमई के उत्थान के लिए विभिन्न रूपों में ज्यादा संकेंद्रित गठबंध के लिए राज्य सरकारों के साथ सहयोग करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रयोगिक चरण में हमने 11 राज्यों अर्थात् असम, नई दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में पीएमयू स्थापित करने के लिए एक विशेषज्ञ एजेंसी की नियुक्ति की है। इसके द्वारा सिडबी, सूक्ष्म और लघु उद्यमों पर जोर देने के अलावा उद्यम पारितंत्र को मजबूत करने के लिए राज्य सरकारों के साथ घनिष्ठ सहयोग बनाने का इरादा रखता है। हमारे इस गठबंध का लक्ष्य अच्छी प्रथाओं का पालन करना, मौजूदा कार्यक्रमों और नीतियों को फिर से जीवंत करना और अधिक संवेदनशील पारितंत्र को सक्षम बनाना होगा।
बलबीरसिंह, महाप्रबंधक, सिडबी ने कहा कि हम राजस्थान में एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए वचनबद्ध हैं। पीएमयू, योजनाओं, हस्तक्षेपों, पहलों, परियोजनाओं आदि के मौजूदा ढांचे का अध्ययन करेगी, जो वर्तमान में राज्य में एमएसएमई की ओर लक्षित व उनके लाभ के लिए उपलब्ध है और उसे प्रभावी बनाने और बाधाओं को दूर करने हेतु संशोधन का सुझाव देगी। यह विकासात्मक पहल, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) द्वारा एमएसएमई उद्यमों पर गठित यू. के. सिन्हा समिति की रिपोर्ट में दर्ज अपेक्षाओं से जुड़ी है। इससे एमएसएमई के संवद्र्धन और विकास के लिए राज्य सरकारों के साथ सिडबी की संकेंद्रित संलग्नता और बढ़ेगी। पीएमयू, राज्य में एमएसएमई उद्यमों को डिजिटल प्लेटफॉर्म, जैसे – पीएसबीलोन्सइन 59 मिनिट्स, स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होना, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म यथा सरकारी ई-मार्केटप्लेस आदि पर खुद की ऑनबोर्डिंग के लिए पथ-प्रदर्शन करने की प्रक्रिया भी तैयार करेगा। इसके अलावा पीएमयू, राज्य के भीतर और बाहर दोनों स्थलों की अच्छी प्रथाओं और दिशानिर्देशों की मैपिंग कर भंडार बनाने में भी संलग्न होगा और राज्य में अच्छी प्रथाओं को अपनाए जाने को सुसाध्य बनाएगा। यह एमएसएमई के हितार्थ किए जा रहे हस्तक्षेपों के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए एक ढांचा तैयार करेगा और नीतिगत अनुसमर्थन के लिए निविष्टियाँ भी प्रदान करेगा।

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