नर्सिंग सेवाओं के बिना अधूरी हैं चिकित्सा सुविधाएं, नर्सिंग स्टाफ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण – विधानसभा अध्यक्ष देवनानी

गीतांजलि विश्वविद्यालय में नर्सेज एसोसिएशन के राज्य स्तरीय सम्मेलन का हुआ शुभारंभ
उदयपुर।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि नर्सिंग सेवाएं चिकित्सा व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं। इनके बिना स्वास्थ्य सेवाओं की कल्पना अधूरी है। नर्सिंग स्टाफ केवल मरीजों की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज का मनोबल बढ़ाने, उसे मानसिक संबल देने और उपचार के दौरान सकारात्मक वातावरण बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कई बार मरीज चिकित्सक से अधिक नर्सिंग स्टाफ के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता है। ऐसे में नर्सिंग पेशे से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह बदलते समय के अनुरूप अपने ज्ञान, कौशल और कार्यशैली को निरंतर विकसित करे।
देवनानी शनिवार को उदयपुर के गीतांजलि विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित नर्सेज एसोसिएशन के राज्य स्तरीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उदयपुर जैसी सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक नगरी में तथा महाराणा प्रताप की वीरभूमि पर राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन होना गर्व की बात है। ऐसे सम्मेलन न केवल संगठन और उसके सदस्यों के भविष्य को लेकर चिंतन का अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि पेशे की चुनौतियों, संभावनाओं और नए आयामों पर विचार-विमर्श का मंच भी बनते हैं।
देवनानी ने कहा कि वर्तमान समय में नर्सिंग क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। आज नर्सिंग स्टाफ की भूमिका केवल रोगी की देखभाल तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि कई परिस्थितियों में उन्हें कुशल प्रशासक और प्रबंधक की भूमिका भी निभानी पड़ती है। इसलिए नर्सेज को समय के साथ नए आयामों और आधुनिक कार्यप्रणालियों को अपनाते हुए आगे बढ़ना होगा। उन्हें अपनी पेशेवर दक्षता के साथ नेतृत्व क्षमता का भी विकास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नर्सिंग स्टाफ मरीज की समस्याओं को नजदीक से समझता है। मरीज के उपचार के दौरान उसका मनोबल बनाए रखने और उसे मानसिक रूप से मजबूत करने में नर्सेज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। चिकित्सा व्यवस्था में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण भी उतने ही जरूरी हैं, जितना कि तकनीकी ज्ञान और उपचार की प्रक्रिया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि केवल शैक्षणिक कोर्स पूरा कर लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करना और उसे व्यावहारिक जीवन में उपयोग करना भी जरूरी है। नर्सिंग क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। नई चिकित्सा पद्धतियों, तकनीकों और मरीजों की बदलती जरूरतों के अनुरूप नर्सेज को अपने ज्ञान का विस्तार करना होगा।
उन्होंने कहा कि आगे वही व्यक्ति और संस्थाएं बढ़ती हैं, जो समस्याओं को पहचानने के साथ उनके समाधान तलाशने की क्षमता भी रखती हैं। नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों को इस बात पर मंथन करना चाहिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में सकारात्मक बदलाव किस प्रकार लाए जा सकते हैं। पेशे के उत्थान के लिए नीतिगत निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में भी नर्सिंग स्टाफ की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए, ताकि अनुभव और व्यावहारिक सुझावों के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी जा सके।
देवनानी ने कहा कि नर्सिंग क्षेत्र का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है और आने वाले समय में इस क्षेत्र में रोजगार एवं विकास की अनेक संभावनाएं सामने आएंगी। चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होने के साथ प्रशिक्षित और दक्ष नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता भी लगातार बढ़ेगी। ऐसे में नर्सेज को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसमें संवेदनशीलता, समर्पण और सेवा भावना का विशेष महत्व है। नर्सिंग से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को मानवता की सेवा के भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
देवनानी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार चिकित्सा सेवाओं के विस्तार तथा स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए समन्वित प्रयास कर रही हैं। बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण उपचार का सकारात्मक प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के चलते औसत आयु में भी वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि निरोगी राजस्थान का संकल्प प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का महत्वपूर्ण पहलू है। स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकते हैं। इस दिशा में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी कार्मिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मेडिकल टूरिज्म का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। राजस्थान में भी बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के चलते विदेशों से लोग उपचार करवाने के लिए आ रहे हैं। यह स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्ध सुविधाओं और चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की संभावनाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के अनेक देशों में भारतीय मूल के चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में भारतीय प्रतिभा की वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सुविनियर पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ सहित गणमान्य अतिथि, प्रबुद्धजन एवं बड़ी संख्या में नर्सिंगकर्मी मौजूद रहे।