गीतांजलि यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय CCrISP कार्यक्रम का सफल आयोजन

रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स, इंग्लैंड के सहयोग से हुआ सफल समापन
उदयपुर।
सर्जिकल क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए गीतांजलि यूनिवर्सिटी, उदयपुर ने रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स ऑफ इंग्लैंड के सहयोग से आयोजित अंतरराष्ट्रीय CCrISP (Care of the Critically Ill Surgical Patient) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। 13 जुलाई से प्रारंभ हुआ यह प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 जुलाई को संपन्न हुआ।
गीतांजलि यूनिवर्सिटी को उत्तर भारत का एकमात्र मान्यता प्राप्त CCrISP Centre होने का गौरव प्राप्त है, जहाँ भविष्य में भी इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम का नियमित आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ 13 जुलाई को आयोजित प्रोग्राम से हुआ, जिसमें रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स ऑफ इंग्लैंड के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों एवं फैकल्टी सदस्यों ने CCrISP कार्यक्रम की उपयोगिता, आधुनिक सर्जिकल क्रिटिकल केयर की अवधारणाओं तथा वैश्विक उपचार मानकों पर अपने विचार साझा किए। इसके पश्चात 14–15 जुलाई को CCrISP Instructor Course तथा 16–17 जुलाई को CCrISP Provider Course का सफल आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम गीतांजलि यूनिवर्सिटी के लिए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि रहा, क्योंकि यह किसी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थान के साथ विश्वविद्यालय का पहला औपचारिक अकादमिक सहयोग था। इस पहल को देश-विदेश के चिकित्सा विशेषज्ञों एवं चिकित्सकों से अत्यंत उत्साहजनक प्रतिसाद प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में प्रतिभागियों का अधिकांश प्रतिनिधित्व राजस्थान के बाहर से रहा, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात सहित अन्य देशों से भी चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस व्यापक सहभागिता ने गीतांजलि यूनिवर्सिटी की वैश्विक पहचान, उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान करने की प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ किया।
CCrISP Course की प्रमुख विशेषताएँ :
CCrISP विश्वभर में मान्यता प्राप्त एक संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य गंभीर रूप से बीमार सर्जिकल मरीजों की शीघ्र पहचान, प्रारंभिक मूल्यांकन, समयबद्ध उपचार तथा बहु-विषयक टीम के समन्वित प्रबंधन की क्षमता विकसित करना है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया—
रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स (यूके) द्वारा विकसित एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण। अनुभवी अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी द्वारा व्यावहारिक एवं इंटरैक्टिव शिक्षण।
वास्तविक क्लिनिकल परिस्थितियों पर आधारित केस एवं सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण।
सर्जन्स, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों, इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञों एवं रेजिडेंट चिकित्सकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी प्रशिक्षण। मरीजों की सुरक्षा, त्वरित निर्णय क्षमता एवं बेहतर क्लिनिकल परिणामों पर विशेष फोकस।
वैश्विक मानकों के अनुरूप आधुनिक सर्जिकल क्रिटिकल केयर तकनीकों एवं प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण।
इंस्ट्रक्टर कोर्स के माध्यम से भावी प्रशिक्षकों को तैयार किया गया, जबकि प्रोवाइडर कोर्स
में प्रतिभागियों को गंभीर सर्जिकल मरीजों के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक प्रबंधन का व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह कार्यक्रम न केवल उत्तर भारत, बल्कि देश एवं वैश्विक स्तर पर सर्जन्स, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स, क्रिटिकल केयर एवं इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञों, रेजिडेंट चिकित्सकों तथा अकादमिक समुदाय के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सीखने का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों एवं विदेशों से आए प्रतिभागियों ने उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, सिमुलेशन आधारित अभ्यास तथा विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से अपने ज्ञान एवं कौशल को और अधिक सुदृढ़ किया। इस व्यापक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को देखते हुए विश्वविद्यालय का मानना है कि इस पहल का लाभ भविष्य में केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश और वैश्विक स्तर पर सर्जिकल क्रिटिकल केयर की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा लाभ भविष्य में मरीजों को मिलेगा। CCrISP प्रशिक्षण प्राप्त चिकित्सक गंभीर सर्जिकल मरीजों के मूल्यांकन, त्वरित निर्णय, प्रभावी उपचार एवं टीम आधारित प्रबंधन में अधिक दक्ष एवं सक्षम बनेंगे। इससे मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार, सुरक्षित देखभाल तथा बेहतर स्वास्थ्य परिणाम प्राप्त होंगे।
गीतांजलि यूनिवर्सिटी के लिए यह आयोजन एक ऐतिहासिक उपलब्धि रहा, जिसने संस्थान को अंतरराष्ट्रीय सर्जिकल क्रिटिकल केयर प्रशिक्षण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है। कार्यक्रम की सफल शुरुआत एवं समापन ने भविष्य में उत्तर भारत में नियमित CCrISP प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन का मार्ग भी प्रशस्त किया है।
यह पहल सर्जिकल क्रिटिकल केयर शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने की दिशा में गीतांजलि यूनिवर्सिटी का एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी कदम साबित हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सहयोग भविष्य में चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं रोगी देखभाल की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

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