उदयपुर में श्रीमाली समाज को मिली नई पहचान, श्री संस्कार भवन का गरिमामय लोकार्पण संपन्न

भामाशाहों के त्याग, समर्पण और सहयोग को समर्पित रहा सम्मान समारोह

उदयपुर। श्रीमाली समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए निर्मित बहुप्रतीक्षित श्री संस्कार भवन का लोकार्पण रविवार को टाइगर हिल परिसर में विधिवत रूप से सम्पन्न हुआ। इस अवसर ने समाज को न केवल एक आधुनिक और सुव्यवस्थित भवन प्रदान किया, बल्कि उन भामाशाहों के योगदान को भी सम्मानित किया, जिनके सहयोग से यह सपना साकार हो सका।

श्री संस्कार भवन सम्पत्ति व्यवस्था ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में सुबह 11.15 बजे तीन मंजिला भव्य भवन का लोकार्पण किया गया। इसके पश्चात आयोजित भामाशाह सम्मान समारोह में भवन निर्माण तथा परिसर विकास में सहयोग करने वाले दानदाताओं को समाज की ओर से सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में समाजबंधु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खेमप्रकाश जोशी रहे, जबकि प्रेरणास्रोत सत्यनारायण श्रीमाली एवं प्रेमशंकर बोहरा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि श्री संस्कार भवन समाज के लिए एक स्थायी धरोहर है, जो आने वाली पीढ़ियों को संस्कार, एकता और संगठन की दिशा प्रदान करेगा। कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश महेंद्र देव, दिग्विजय श्रीमाली, दिनेश श्रीमाली, सुरेश श्रीमाली सहित प्रमुख अतिथिगण मौजूद रहे। 

ट्रस्ट अध्यक्ष रविन्द्र श्रीमाली ने बताया कि यह भवन समाज के प्रमुख हस्ताक्षर रहे अजमेर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति स्वर्गीय प्रो. विजय श्रीमाली द्वारा देखे गए स्वप्न का साकार रूप है। उनके साथ-साथ अनेक भामाशाहों के सहयोग से यह परियोजना पूर्ण हो सकी। सम्मान समारोह का उद्देश्य समाज के उन सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार प्रकट करना रहा, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से योगदान दिया।

संस्कार भवन में सम्पूर्ण द्वितीय तल का निर्माण करने वाले सत्यनारायण श्रीमाली ने कहा कि समाज को एक सूत्र में पिरोए रखने और समाजजनों के सामूहिक और निजी कार्यक्रमों को सम्पन्न करने के लिए यह भवन बेहद उपयोगी सिद्ध होगा। 

कार्यक्रम संयोजक जयप्रकाश श्रीमाली ने जानकारी दी कि प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय तल के निर्माण में सहयोग करने वाले भामाशाहों के साथ-साथ भोजनशाला, रुक्मणी संस्कृति संकुल, कार्यालय कक्ष, मुख्य द्वार, यज्ञशाला, डोम एवं जल टंकी जैसे विकास कार्यों में योगदान देने वाले भामाशाहों का भी मंच से सम्मान किया गया।

सहसंयोजक सुनीलदत्त श्रीमाली एवं सूर्यप्रकाश श्रीमाली ने बताया कि इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्था मेवाड़ के अध्यक्ष दिग्विजय श्रीमाली और पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।

श्री संस्कार भवन परिसर में समाजजनों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशाल उद्यान, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, यज्ञशाला, छोटे व बड़े हॉल तथा तीन मंजिला भवन में सुसज्जित कमरों का निर्माण किया गया है। लोकार्पण के साथ ही यह भवन अब श्रीमाली समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया है। कार्यक्रम आयोजन में ओमप्रकाश श्रीमाली, भावप्रकाश श्रीमाली, जमनालाल श्रीमाली, गणेश श्रीमाली, नर्बदा शंकर व्यास, भूपेंद्र श्रीमाली, देवेंद्र श्रीमाली की सक्रिय भूमिका रही। 

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