उदयपुर। जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), उदयपुर के संघटक डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी द्वारा महिला सुरक्षा पर निशुल्क परामर्श, सलाह एवं मार्गदर्शन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं एवं बालिकाओं में आत्मविश्वास का विकास, अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा समता आधारित सशक्त समाज की स्थापना करना था।
कार्यशाला की शुरुआत विभाग की निदेशक प्रो. मंजू माण्डोत के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए केवल शैक्षणिक प्रगति ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपने संवैधानिक अधिकारों, कानूनी संरक्षण एवं आत्म-सुरक्षा के प्रति भी सजग होना आवश्यक है। जब महिलाएँ आत्मनिर्भर और जागरूक होंगी, तभी एक सशक्त समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र, जी. आर. पी. थाना, प्रसा अनुसंधान संस्था, उदयपुर की सामाजिक परामर्शदाता मंजरी गुप्ता एवं विधिक परामर्शदाता श्वेता जोशी रहीं। उन्होंने महिला सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर निशुल्क परामर्श, व्यावहारिक सलाह एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। वक्ताओं ने महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों, उनसे बचाव के उपायों, कानूनी अधिकारों तथा सहायता प्राप्त करने की प्रक्रियाओं पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं, हेल्पलाइन सेवाओं एवं विधिक सहायता व्यवस्थाओं की जानकारी भी छात्राओं को प्रदान की, जिससे वे आवश्यकता पड़ने पर इनका प्रभावी रूप से लाभ उठा सकें।
कार्यशाला के दौरान विभाग के संकाय सदस्य डॉ. मनीष श्रीमाली, डॉ. भारत सिंह देवड़ा, डॉ. गौरव गर्ग, डॉ. प्रदीप सिंह शक्तावत, डॉ. भरत सुखवाल, डॉ. दिलीप चौधरी, मुकेश नाथ, दुर्गाशंकर, त्रिभुवन सिंह बमनिया, मानसी नागर एवं चिराग दवे सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह कार्यशाला छात्राओं के लिए अत्यंत लाभदायक, प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभाग के समस्त संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
महिला सुरक्षा पर निशुल्क परामर्श, सलाह एवं मार्गदर्शन विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
