सांसद डॉ रावत ने उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन परिसर की 19,588 वर्गमीटर भूमि को 99 वर्ष की लीज पर देने का प्रस्ताव निरस्त करने रेल मंत्री को लिखा पत्र

सांसद ने रेल मंत्रालय, भारत सरकार के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक भी की
-उदयपुर दिल्ली व उदयपुर-सूरत वन्दे भारत ट्रेन शुरु करने की मांग रखी
-उमरड़ा में रेलवे यार्ड को आगे बनाने की भी मांग रखी

उदयपुर। सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन परिसर की भूमि को व्यवसायिक एवं आवासीय लीज पर दिए जाने संबंधी ई-निविदा को निरस्त करने का आग्रह किया है और यह जमीन आगामी रेल सेवाओं के विस्तार की आवश्यकताओं के लिए आरक्षित रखने की मांग की है। इसके साथ ही सांसद डॉ रावत ने रेल मंत्रालय, भारत सरकार के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक में उदयपुर दिल्ली व उदयपुर-सूरत वन्दे भारत ट्रेन शुरु करने की मांग रखी।
सांसद डॉ रावत उदयपुर लोकसभा क्षेत्र में रेल सेवाओं के विस्तार के लिए काफी प्रयास कर रहे हैं और आगामी समय में उनके ये प्रयास रंग लाने वाले हैं। डॉ रावत  इसके लिए रेल मंत्री से भी कई बार मिल चुके हैं।
सांसद डॉ रावत ने रेल मंत्री को लिखे पत्र में बताया कि उनके लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर विभिन्न विकास कार्य प्रगतिरत हैं। हाल ही में उदयपुर से अहमदाबाद लाईन का विद्युतीकरण होने के उपरान्त उदयपुर से अहमदाबाद होकर महाराष्ट्र एवं दक्षिण भारत के अन्य बड़े शहरों को भी सीधी रेल सुविधा मिल सकेगी, जिससे स्टेशन पर अतिरिक्त रेल सेवाओं एवं यात्रियों का भार भी बढेगा। भविष्य में रेल यात्रियों की संख्या एवं रेल सेवाओं की बढ़ती मांग को दृष्टिगत रखते हुए स्टेशन पर मूलभूत एवं तकनीकी सुविधाओं की आवश्यकता में भी निरंतर वृद्धि होना स्वाभाविक है, जिसके लिए स्टेशन पर अतिरिक्त भूमि की भी आवश्यता रहेगी।
सांसद डॉ रावत ने बताया कि हाल ही में रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) द्वारा उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन परिसर की लगभग 19,588 वर्गमीटर भूमि को 99 वर्ष की दीर्घकालीन लीज पर व्यवसायिक एवं आवासीय गतिविधियों के लिए दिए जाने के संबंध में ई-निविदा जारी की गई है, जबकि वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर नए रेल ट्रैक के विकास, यार्ड मेंटेनेंस सुविधाओं, वॉशिग एरिया तथा अन्य परिचालन आवश्यकताओं के लिए अतिरिक्त भूमि की नितांत आवश्यकता रहेगी। यदि इतनी बड़ी भूमि को लीज पर दे दिया जाता है, तो स्टेशन पर भविष्य में रेलवे सुविधाओं के विस्तार हेतु आवश्यक भूमि की अनुपलब्धता के कारण गंभीर बाधाएं उत्पन्न हो सकती है।
सांसद डॉ रावत ने रेल मंत्री को बताया कि प्रस्तावित लीज प्रक्रिया को लेकर स्थानीय नागरिकों एवं रेल उपयोगकर्ताओं द्वारा भी विरोध व्यक्त किया जा रहा है, क्योंकि यह निर्णय जनहित एवं दीर्घकालिक रेल विकास की दृष्टि से उपयुक्त नहीं प्रतीत होता। सांसद डॉ रावत ने जनहित एवं भविष्य की रेल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उक्त ई-निविदा को निरस्त करने का आग्रह किया और संबंधित भूमि का उपयोग केवल रेल ट्रैक विस्तार, मेंटिनेंस यार्ड एवं अन्य आवश्यक रेलवे अवसंरचनाओं के विकास में ही किये जाने के निर्देश प्रदान करने की मांग की।
रेल अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक
सांसद डॉ मन्नालाल रावत की रेल मंत्रालय, भारत सरकार के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई जिसमें उन्होंने उदयपुर दिल्ली व उदयपुर-सूरत वन्दे भारत ट्रेन शुरु करने का आग्रह किया। साथ ही प्रस्तावित रतलाम से डूंगरपुर वाया बांसवाडा व धोलपुर से सरपुथला तथा उदयपुर से चितौडगढ रेल लाइन का दोहरीकरण के विषय भी उठाए। सांसद डॉ रावत ने उमरड़ा में रेलवे यार्ड को दो किलोमीटर आगे बनाने का आग्रह किया और बताया कि वर्तमान स्थान पर यूरेनियम मिलने से प्रस्तावित जगह का विरोध हो रहा है। 

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